घर में घुसा तेंदुआ, जाल तोड़कर भागा
छत्तीसगढ़ घर में घुसा तेंदुआ, जाल तोड़कर भागा
कांकेर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के रिहायशी इलाके में तेंदुए की धमक से लोगों में दहशत है.
पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ शहरी क्षेत्र की ओर आ रहा है. जिससे दिन और रात में लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
तेंदुआ बुधवार को सरोना वन क्षेत्र के एक मकान के अंदर घुस गया. करीब तीन घंटे तक मकान के अंदर ही घुसा रहा.
इसके अलावा पिछले दो दिनों के अंदर तेंदुआ 2 अलग-अलग जगहों पर भी देखा गया है. जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.
बताया जा रहा है कि अभी भी तेंदुआ सरोना वन परिक्षेत्र में मौजूद है.
बताया गया कि मंगलवार की सुबह तेंदुआ दुधावा गांव निवासी राजेंद्र नेताम के घर के अंदर घुस गया.
उस समय राजेंद्र घर पर मौजूद था. तेंदुआ को देख वह तत्काल घऱ से बाहर निकला और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया.
इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी. सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर जाल बिछाकर तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की.
लेकिन तेंदुआ जाल को फांदकर जंगल की तरफ भाग निकला.
मुर्गे का शिकार और कुत्ते पर हमला
इसके बाद उसी दिन रात में तेंदुए को माकड़ी बाजार चौक पर देखा गया. यहां दीवार को फांदकर तेंदुआ घर में घुसा और मुर्गे का शिकार कर भाग निकला.
यहां तेंदुआ दीवार पर चढ़ते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है.
इससे पहले तीन मार्च को भी गढ़पिछवाड़ी गांव में तेंदुए ने जमकर उत्पात मचाया है.
यहां एक सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी के घर में घुसा था. तेंदुए ने घर में बंधे पालतू कुत्ते पर हमला किया तो कुत्ता भौंकने लगा.
आवाज सुनकर डॉक्टर घर से बाहर निकले और तेंदुए को किसी तरह भगाया.
घर से बाहर निकलने में डर रहे लोग
सरोना इलाके में लगातार तेंदुआ दिखे जाने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.
पिछले कुछ दिनों से कांकेर जिले के अलग-अलग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुआ ने उत्पात मचाया है.
बीते साल ही नेशनल हाईवे-30 पर एक पेड़ पर तेंदुआ को बैठे हुए देखा गया था.
इसके अलावा कांकेर शहर से लगे एक घर के अंदर भोजन की तलाश में घुस गया था.
लगातार क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने से शाम होते ही लोग घरों से निकलने में डर रहे हैं.
तीन बच्चों पर किया हमला
सरोना गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार तेंदुआ का आतंक बढ़ गया है.
रिहायशी इलाकों के साथ-साथ आसपास के जंगलों में लगातार तेंदुआ देखा जा रहा है.
पिछले साल 4 अगस्त 2024 को कोड़मुड़ा में तेंदुए ने एक बच्चे को मार डाला था.
वहीं 25 सितंबर को नयापारा में एक बच्ची पर हमला किया.
इसके अलावा 1 अक्टूबर को बीच बस्ती में एक बच्चे पर हमला कर दिया था. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था.
अब तक 3 बच्चों पर हमला कर चुका है. सरोना के साथ-साथ दुधावा इलाके में भी पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ ने आतंक मचा रखा है.
ग्रामीणों का कहना है कि दुधावा में तेंदुआ लगातार देखा जा रहा है.
हालांकि यह वही तेंदुआ है या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है.