दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़, 1 महिला माओवादी की मौत
छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़, 1 महिला माओवादी की मौत
दंतेवाड़ा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर सोमवार को माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 45 लाख रुपए की इनामी संदिग्ध महिला माओवादी को मारने का दावा किया है.
मुठभेड़ स्थल से महिला माओवादी के शव समेत एक इंसास रायफल, मैगजीन और गोला-बारूद लैपटॉप, नक्सली साहित्य, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान बरामद हुए हैं.
बताया गया कि सोमवार को दंतेवाड़ा और बीजापुर के सरहदी क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान पर सुरक्षा बलों को रवाना किया गया था.
दोनों जिले की सीमा से लगे नेलगोड़ा, इकेली और बेलनार गांव के जंगल में सोमवार सुबह 9 बजे जवानों का सामना माओवादियों से हुआ.
इसके बाद माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच फायरिंग शुरू हुई. दोनों ओर से काफी देर तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही.
45 लाख का था इनाम घोषित
इस मुठभेड में डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के सुरक्षा बलों के हाथों 45 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली गुम्माडिवेली रेणुका उर्फ भानु उर्फ चैते उर्फ सरस्वती उर्फ दमयंती मारे गए.
बताया गया कि मारे गए माओवादी रेणुका पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 25 लाख और तेलंगाना सरकार द्वारा 20 लाख का इनाम घोषित था.
वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल रीजनल ब्यूरो (सीआरबी) प्रेस टीम इंचार्ज और प्रभात पत्रिका की संपादक थी.
रेणुका 1996 में नक्सली संगठन में भर्ती हुई थी. इसके बाद साल 2003 में डीवीसीएम और वर्ष 2006 में सीसीएम दुला दादा के साथ काम किया.
उसके काम से खुश होकर साल 2020 में डीकेएसजेडसीएम बनाकर सीआरबी प्रेस टीम इंचार्ज बना दिया गया.
बताया गया कि 2005 में उसकी शादी सीसीएम शंकामुरी अप्पाराव उर्फ रवि से हुई, जो 2010 में आंध्र प्रदेश के नलमल्ला मुठभेड़ में मारा गया.
रेणुका नक्सली पत्रिकाओं प्रभात, महिला मार्गम, आवामी जंग, पीपुल्स मार्च आदि के प्रकाशन से जुड़ी थी.