स्कूल भवन तोड़कर पानी टंकी बनाने निगम ने मांगी अनुमति
छत्तीसगढ़ स्कूल भवन तोड़कर पानी टंकी बनाने निगम ने मांगी अनुमति
दुर्ग | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में निगम प्रशासन का एक पत्र इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल दुर्ग नगर निगम पुराने और ऐतिहासिक स्कूल भवन को तोड़कर वहां पानी की टंकी का निर्माण करना चाहता है. इसके लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है.
मामला शिक्षक नगर वार्ड स्थित तिलक पुत्री प्राथमिक शाला का है. नगर निगम द्वारा इस स्कूल भवन को तोड़ने के लिए शिक्षा विभाग से अनुमति मांगी गई है.
निगम प्रशासन का कहना है कि इस स्थान पर 15 सौ केएल क्षमता की पानी टंकी को बनाया जाएगा. इसके लिए विधायक ने निरीक्षण भी किया है.
यह स्कूल अंग्रेजी शासन के समय से बना हुआ है. इसे राजा जगतपाल के नेतृत्व में किला रूपी ईंट से इसे तैयार किया गया था. उन्होंने ही इसे पुत्री शाला का नाम दिया था.
वर्तमान में इस स्कूल में मोहल्ले के 60 से अधिक बच्चे पढ़ाई करते हैं. स्वतंत्रता संग्राम से पहले बने यह स्कूल एक तरह धरोहर हैं. इसे तोड़ने के बजाय सहेजकर रखा जाना चाहिए.
स्कूल तोड़कर पानी टंकी बनाने की योजना के बारे में जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजनों को चिंता सताने लगी है.
परिजनों का कहना है कि ऐसा हुआ तो हमारे बच्चे कहां पढ़ेंगे. उनका भविष्य संकट में पड़ जाएगा.
तोड़ने के बाद आज तक नहीं बना
इससे पहले गंजपारा वार्ड में स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्कूल को व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए तोड़ा गया था.
योजना के अनुसार कॉम्प्लेक्स के ऊपर में स्कूल भवन बनाकर उसे संचालित किया जाना था. लेकिन स्कूल को तोड़े पांच साल से अधिक समय हो चुका है.
आज तक भवन नहीं बनाया गया है. जबकि यहां के करीब डेढ़ सौ से अधिक बच्चों को तीन किमी दूर सरदार वल्लभ भाई पटेल स्कूल शनिचरी बाजार में शिफ्ट कर दिया गया है.
इसी तरह गया नगर स्थित महात्मा गांधी स्कूल परिसर में नगर निगम द्वारा व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बना दिया गया है.
एग्रीमेंट के मुताबिक दुकान से आने वाले किराए से स्कूल का संचालन करना था. लेकिन कॉम्प्लेक्स बनने के बाद निगम प्रशासन अपने वादे से मुकर गया.
दुकानों से किराए के तौर पर अभी तक स्कूल को एक रुपया भी नहीं मिला है. स्कूल में आय का साधन नहीं होने से आए दिन बिजली काटने की नौबत आन पड़ती है. इसके बाद भी निगम द्वारा ध्यान नहीं जाता है.