रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़ का शराब घोटालाः अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

शराब घोटालाः अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

H

Hupendra Sharma

19 मई 2025, 09:26 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

शराब घोटाला
शराब घोटाला

रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में कारोबारी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. अनवर ढेबर लंबे समय से जेल में बंद थे.


यह फैसला न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की बेंच ने सुनाई है.

विज्ञापन


हालांकि इसके बाद भी वह जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे. क्योंकि कोर्ट ने ईडी के मामले में जमानत दी है. लेकिन इसी मामले में ईओडब्ल्यू में भी मामला दर्ज है.


ईडी द्वारा दर्ज ईसीआईआर के आधार पर अनवर ढेबर को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.


सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि मामले में लगातार देरी हो रही है.


अभियोजन की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. इस मामले में जेल में बंद कुछ लोगों को पहले से ही जमानत मिल चुकी है.


इसी आधार पर न्यायालय ने अनवर ढेबर को जमानत दी है.


क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी जांच कर रही है. ईडी ने एसीबी में रिपोर्ट दर्ज कराई है.


दर्ज एफआईआर में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है.


ईडी ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में आईएएस अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था.

त्रिपाठी-टुटेजा समेत चार को जमानत

छत्तीसगढ़ के दो हजार करोड़ से अधिक के शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एपी त्रिपाठी समेत चार लोगों को जमानत दे दी थी.


वहीं अनवर ढेबर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.


अनुराग द्विवेदी और दीपक दुआरी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल व शशांक मिश्रा व अरुणपति त्रिपाठी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी माथुर ने पैरवी की थी.


सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एएस ओका की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि मामले में दर्ज किए गए निष्कर्षों पर विचार करने के बाद अपीलकर्ताओं को जमानत दी जानी चाहिए.


इससे जांच किसी भी तरह प्रभावित नहीं होगी. उस समय भी जमानत देने के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तें भी रखी थी. जिसका पालन आरोपियों को करना होगा.


शर्त के मुताबिक आरोपियों को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. साथ ही रोज जांच अधिकारी के पास हाजिरी देने होगी.

पूर्व आबकारी मंत्री लखमा भी हैं जेल में 

इस मामले में राज्य सरकार के पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी 16 जनवरी 2025 से जेल में हैं.


कवासी लखमा पर आरोप है कि वह शराब घोटाले में सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे. उन्हीं के निर्देश पर सिंडिकेट काम करता था. इनसे अलावा शराब नीति बदलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका थी.


ईडी का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की पूरी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया.


आरोप है कि शराब घोटाले में कमीशन के तौर पर लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे.


ईडी का कहना है कि 3 साल तक शराब घोटाला चला. तीन साल के 36 महीने में लखमा को कुल 72 करोड़ रुपए मिले.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP