हाईकोर्ट के जजों के खिलाफ 8,630 शिकायतें, लोकसभा में सरकार का खुलासा
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि पिछले एक दशक (2016 से 2025) के दौरान देश के उच्च न्यायालयों के वर्तमान न्यायाधीशों के खिलाफ कुल 8,630 शिकायतें दर्ज की गई हैं. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने द्रमुक (DMK) सांसद मथेश्वर वीएस द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह डेटा प्रस्तुत किया.
सांसद ने न्यायाधीशों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन दुराचार और अन्य गंभीर अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों का विवरण मांगा था.
कानून मंत्रालय द्वारा साझा किए गए ये आंकड़े सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित हैं. हालांकि, सरकार ने अपने जवाब में यह स्पष्ट नहीं किया कि इन शिकायतों पर अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है या उनकी वर्तमान स्थिति क्या है.
न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान 'इन-हाउस' व्यवस्था के तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और संबंधित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश ही ऐसी शिकायतों पर विचार करने और निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं.
सरकार ने यह भी जोड़ा कि जन शिकायत पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित मुख्य न्यायाधीशों को भेज दिया जाता है. फिलहाल, जजों की जवाबदेही और शिकायतों की निगरानी के लिए किसी नई गाइडलाइन को जारी करने के सवाल पर केंद्र ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया है.