आकाशीय बिजली-करंट-डूबने से 5 की मौत, अब तक 13 जाने गई
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून के चलते पिछले दो दिनों में भारी तबाही हुई है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने, करंट लगने और डूबने की घटनाओं में दो बच्चों सहित कम से कम 5 लोगों की जान चली गई है. मौसम के इस रौद्र रूप से कई लोग घायल भी हुए हैं.
बिजली गिरने और करंट लगने से दर्दनाक हादसे:
सरगुजा जिले के करमहा गांव में मंगलवार को मवेशी चराने गए 65 वर्षीय जयनथ राम की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, गोविंदपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक 12 वर्षीय बच्चा और एक 48 वर्षीय व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
बिलासपुर के हरदीकला गांव में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. यहां भारी बारिश के कारण बिजली का तार टूटकर एक मकान के किचन के मेटल शेड (लोहे के छप्पर) पर गिर गया. खाना बना रही 40 वर्षीय आशा देवी रजक जैसे ही इसके संपर्क में आईं, उन्हें जोरदार करंट लगा और अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया.
कोरबा जिले में भी करंट लगने से दो बच्चों की मौत की खबर है. इनमें से 12 वर्षीय शिवम महंत की मौत दरवाजे के लोहे के फ्रेम में करंट आने के कारण हुई. पुलिस के मुताबिक, घर के पास से गुजर रही मुख्य बिजली की लाइन टूटकर गिरने से दरवाजे में करंट फैल गया था.
पिकनिक के दौरान हादसा, युवक की डूबने से मौत:
कोरबा के सतरेंगा जलप्रपात (बैकवाटर) में दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया 24 वर्षीय सुभांशु ध्रुव गहरे पानी में डूब गया. बताया जा रहा है कि एक टापू से वापस लौटते समय उसका पैर फिसल गया. राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने करीब 24 घंटे के कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद उसका शव बरामद किया.
अब तक 13 लोगों ने गंवाई जान, धंस गई जमीन:
मानसून की शुरुआत से अब तक राज्य में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें सबसे ज्यादा बिलासपुर में 4, कोरबा में 3, गरियाबंद में 2, सरगुजा में 2 और रायपुर में 2 मौतें दर्ज की गई हैं. इसके अलावा राजनंदगांव में करंट की चपेट में आने से 6 मवेशियों की भी मौत हुई है.
भारी बारिश के कारण बालोद जिले के भानपुरी गांव में एक अनोखी घटना सामने आई, जहां लगातार हो रही बरसात की वजह से करीब 20 फीट कृषि भूमि अचानक धंस गई और वहां मौजूद एक पुराने बोरवेल का केसिंग पाइप जमीन के अंदर समा गया. प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इस पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ (घेर दिया) कर दिया है.