छत्तीसगढ़ के 47 नक्सलियों ने तेलंगाना में किया सरेंडर
हैदराबाद । डेस्क: तेलंगाना पुलिस को माओवाद के खिलाफ अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. शनिवार को छत्तीसगढ़ के कुल 47 भूमिगत नक्सलियों ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) बी. शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. सरेंडर करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का सदस्य और दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी का प्रभारी हेमला आयथु उर्फ विज्जा जैसे बड़े कैडर शामिल हैं.
आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के चार सदस्य, DKSZ के 28 और दक्षिण बस्तर DVC के 15 कैडर शामिल हैं. इस दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार भी सौंपे, जिनमें एक लाइट मशीन गन (LMG), चार एके-47, तीन एसएलआर, दो इंसास राइफल और 515 कारतूस सहित कुल 32 अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं.
डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि ये कैडर तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस के सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रभावित होकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं. दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी के प्रमुख नेताओं के सरेंडर के बाद अब यह कमेटी पूरी तरह बिखरने की कगार पर है. सरेंडर करने वालों में 12 एरिया कमेटी मेंबर (ACM) भी शामिल हैं.
सरकार की ओर से इन 47 कैडरों के लिए कुल 1.50 करोड़ रुपये की इनाम राशि घोषित की गई है, जिसका वितरण बैंक खाते खुलने और दस्तावेजीकरण के बाद किया जाएगा. फिलहाल, छत्तीसगढ़ के निवासी होने के नाते इन सभी को 25,000 रुपये की अंतरिम राहत राशि दी गई है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के आश्वासन के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच सरेंडर करने वाले सभी कैडरों के लिए हेल्थ कार्ड भी जारी किए जा रहे हैं.
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक तेलंगाना में कुल 260 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें केंद्रीय समिति के सदस्य और राज्य समिति के सदस्य भी शामिल हैं. पुलिस प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तेलंगाना के केवल चार सक्रिय कैडर ही दूसरे राज्यों में सक्रिय बचे हैं.