बर्खास्त 2621 बीएड शिक्षक बहाल
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ सरकार ने बर्खास्त 2621 बीएड शिक्षकों को बहाल कर दिया है. यह निर्णय बुधवार को सीएम विष्णुदेव साय की कैबिनेट की बैठक में लिया गया.
अब इन सभी सहायक शिक्षकों को विज्ञान प्रयोगशाला के पद पर समायोजित किया जाएगा. इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.
उन्होंने लिखा है कि कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय. सीधी भर्ती 2023 में सेवा समाप्त 2621 बीएड अर्हताधारी सहायक शिक्षकों का सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर समायोजन.
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार 18 अप्रैल को नया रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की थी.
सीएम साय से आश्वास मिलने के बाद आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया था.
इससे पहले बर्खास्त बीएड धारी सहायक शिक्षक नौकरी बचाने के लिए पिछले 126 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे.
सरकार के इस फैसले से बर्खास्त शिक्षकों के साथ ही उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है.
निर्धारित अर्हता के लिए 3 साल की अनुमति
बीएड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा.
यह समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा. कला और विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने के लिए 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी.
साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एससीईआरटी के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.
अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा.
समायोजन की प्रक्रिया पहले अनुसूचित क्षेत्र के जिलों में रिक्त पदों के अनुसार क्या जाएगा. इसके बाद सीमावर्ती जिलों फिर अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा.
हाईकोर्ट का फैसला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर 2024 को फैसला सुनाया था कि सहायक शिक्षक के पद के लिए केवल डीएड डिग्रीधारी ही पात्र होंगे.
इस फैसले के बाद 2621 बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को सरकार ने रद्द कर दिया था.
इनमें से 56 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरी सरकारी नौकरी छोड़कर शिक्षक बने थे. कोर्ट ने सरकार को 15 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश भी दिया था.
इस फैसले के विरोध में बीएड डिग्रीधारी शिक्षक सड़क पर उतरे थे. 126 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया था.
बर्खास्त शिक्षकों की पहले दिन से ही मांग थी कि सरकार उन्हें नौकरी से बाहर करने के बजाय शिक्षा विभाग में समायोजित कर दे.