गौशाला में एक दिन में 25 गायों की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तुरी ब्लॉक के ओखर गांव स्थित वासुदेव गौशाला में पिछले तीन दिनों के भीतर 30 से अधिक गायों की मौत होने का मामला सामने आया है. इनमें से एक ही दिन में 25 गायों की मौत हुई है.
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गौशाला के सामने धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गायों की मौत भूख से हुई है.
साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला प्रबंधक पहले मृत गायों को गांव के बाहर खुले में फेंकवा देता था. जिससे गांव में बदबू फैलने लगी थी. अब एक साथ काफी संख्या में गायें मरी तो चोरी-छिपे जेसीबी से गड्ढ़ा खोदकर गांव के बाहर मरी गायों को दफना दिया है. इससे गांव में बीमारी का भी खतरा बढ़ गया है.
विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सा अधिकारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे. उस समय तीन गायें गौशाला में मृत मिलीं. जबकि चार गायों की हालत काफी गंभीर थी. डॉक्टरों ने इनका उपचार किया.
दूसरी ओर गौशाला प्रबंधक रामविलास पटेल ने गायों की मौत बीमारी से होने की बात कही है. उन्होंने चारे की कमी से मौत के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि मरने वाली ज्यादातर गायें सड़क हादसों में घायल होने के बाद गौशाला लाई गई हैं. वहीं कुछ गायें बूढ़ी और बीमार भी थीं.
बताया गया कि गौशाला में लगभग 250 गायें हैं. जबकि पशु चिकित्सा अधिकारियों ने करीब 25 फीसदी मवेशियों में लीवर की समस्या होना बताया है.
मृत गायों का कराया गया पोस्टमार्टम
तहसीलदार प्रकाश साहू ने गौशाला प्रबंधक को सीसीटीवी दुरुस्त करने की चेतावनी दी है. साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच कर चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं.
तहसीलदार ने कहा कि लगातार मौत की शिकायत मिली है. मृत कुछ गायों का पोस्टमार्टम कराया गया है. मामले की विस्तृत जांच की जाएगी.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गौशाला में चारे की भारी कमी है. इसी वजह से गाय भूख से मर रही हैं. रोजाना 5 से 7 गायों की मौत हो रही है.
आरोप है कि 24 अगस्त को एक ही दिन में लगभग 25 गायों की मौत हो गई. इसके बाद गायों के शवों को गुपचुप तरीके से जमीन में दफनाया जा रहा था, लेकिन मामला सामने आने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया.
ग्रामीणों ने समिति को भंग करने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे.
यह गंभीर मामला- विधायक
इस संबंध में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया का कहना है कि यह गंभीर मामला है. इतनी बड़ी लापरवाही से गायों की मौत हुई है. असल में यह हत्या के समान है. मैं स्वयं कलेक्टर से मिलकर इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग करूंगा.
वहीं ओखर ग्राम पंचायत की सरपंच लक्ष्मी यादव का कहना है कि तीन महीने में 100 से अधिक गायें मर चुकी हैं. प्रबंधन की लापरवाही की वजह से गायों की मौत हो रही है.
गौशाला प्रबंधन समिति के हेमंत पटेल का कहना है कि गौशाला की क्षमता 600 गायों की है और वर्तमान में इससे काफी कम गायें रखी गई हैं. इनमें अधिकांश हादसे और बाहर से लाई गई गायें हैं.
उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से बिना अनुदान के गौशाला चलाया जा रहा है. वर्तमान में खुद खर्च उठाना पड़ रहा है. बरसात में चारा गीला हो जाता है, जिससे व्यवस्था बिगड़ी है.
बिलहा में गोमांस को लेकर लाठियां चली
इधर बिल्का के डोडकीभाठा के ओडिया मोहल्ले में बुधवार को गौ मांस काटने और मांस बेचने की खबर पर भारी बवाल हो गया. ग्रामीणों ने एक घर में दबिश दी तो आंगन में बड़ी मात्रा में मांस मिला.
इस घटना के बाद से दो पक्ष आमने सामने आ गए. देखते ही देखते लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला हुआ. इस हमले से करीब 10 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से एक को काफी गंभीर चोटें आई हैं. उसकी हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर किया गया है.
इसके बाद वहां बजरंग दल के लोग पहुंच गए और थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की. गांव में तनाव बढ़ने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
पुलिस ने मांस को सैंपल के लिए जब्त किया है. इस मामले में केस दर्ज कर एक युवती सहित कुछ लोगों को हिरासत में पूछताछ की जा रही है.