14 साल में 20 लाख भारतीयों ने छोड़ी नागरिकता
नई दिल्ली । डेस्क: विदेश मंत्रालय (MEA) ने संसद को सूचित किया कि बड़ी संख्या में भारतीय अपनी नागरिकता छोड़ रहे हैं, पिछले पाँच वर्षों में लगभग 9 लाख लोगों ने ऐसा किया है. यह डेटा विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में साझा किया गया.
मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय नागरिकता छोड़ने वाले व्यक्तियों का वार्षिक रिकॉर्ड रखती है. 2011 और 2019 के बीच, 11,89,194 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ी. संसद में साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, पिछले 14 वर्षों में 20 लाख से अधिक लोगों ने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी है.
ये आँकड़े विदेशी राष्ट्रीयता चुनने वाले भारतीयों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्शाते हैं, जिसमें हाल के वर्षों में सबसे अधिक वार्षिक संख्या दर्ज की गई है. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में वर्ष-वार संख्या प्रस्तुत की.
2011 से 2019 तक, हर साल 1.2 लाख से 1.44 लाख लोगों ने नागरिकता छोड़ी, 2019 में यह संख्या 1,44,017 थी. 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण इसमें गिरावट आई और यह आँकड़ा 85,256 रहा. हालाँकि, इसके बाद के वर्षों में यह संख्या तेजी से बढ़ी, जिसमें 2021 में 1,63,370, 2022 में रिकॉर्ड 2,25,620 और 2023 में 2,16,219 और 2024 में 2,06,378 भारतीय शामिल रहे जिन्होंने अपनी नागरिकता छोड़ दी.
यह नवीनतम डेटा भारत से नागरिकता छोड़ने के बढ़ते रुझान को रेखांकित करता है.