अब तक 13 फीसदी अधिक बारिश, आज भी रेड अलर्ट जारी
प्रदेश में अब तक 13 फीसदी अधिक बारिश
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में पिछले चार दिनों से बारिश हो रही है. कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश होने से जगह-जगह जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई. वहीं प्रदेश के कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश होने से नदी और नाले उफान पर हैं.
मौसम विभाग ने आज यानी मंगलवार को भी प्रदेश भर में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है. राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद और कांकेर में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है.
वहीं रायपुर, धमतरी, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, मुंगेली सहित 15 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है.
बीजापुर, कोंडागांव और बस्तर में भी बारिश का यलो अलर्ट है. 9 जुलाई से बारिश की गतिविधियां कम होगी.
छत्तीसगढ़ में जुलाई शुरू होते ही मानसून मेहरबान हो गया है. सोमवार तक प्रदेश में सामान्य से 13 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है.
ऐसा जुलाई के पहले हफ्ते में पहली बार हुआ है. अब तक 306 मिमी बारिश हो चुकी है. पिछले 24 घंटों में 37 स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश हुई है.
हालांकि रायपुर सहित कुछ जिलों में कम बारिश हुई है. जून में जहां 33 फीसदी बारिश की कमी थी, अब यह कोटा पूरा हो गया है और सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है.
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 447.8 मिमी वर्षा हुई है. बेमेतरा जिले में सबसे कम 113.7 मिमी पानी बरसा है.
मोंगरा बैराज से शिवनाथ में छोड़ा गया पानी
राजनांदगांव जिले में स्थित मोंगरा बैराज भी लबालब हो गया है. मोंगरा बैराज के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने से यहां लगातार पानी आ रहा है. जिसे देखते हुए शिवनाथ नदी में 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.
मोंगरा बैराज के कैचमेंट एरिया राजनांदगांव व कांकेर के कई हिस्से में लगातार अच्छी बारिश हो रही है. इससे मोंगरा बैराज में लगातार जलभराव हो रहा है.
मोंगरा बैराज से सोमवार सुबह 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. ऊपरी क्षेत्र से लगातार आवक के चलते दोपहर तक इसे बढ़ाकर 7000 क्यूसेक करना पड़ा.
इसके बाद भी बैराज में पानी लगातार बढ़ता रहा. इसे देखते हुए रात 8 बजे पानी की मात्रा को बढ़ाकर 15 हजार क्यूसेक कर दिया गया.
मोंगरा से छोड़े गए पानी के मंगलवार की दोपहर तक शिवनाथ के महमरा एनीकट में पहुंचने की संभावना है.
इससे शिवनाथ के जल स्तर में आंशिक बढ़ोतरी होगी. फिलहाल नदी में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है.
पेंड्रा-रतनपुर मार्ग बंद
बिलासपुर जिले में लगातार हो रही भारी बरसात का असर जन-जीवन पर पड़ने लगा है. ग्रामीण क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे बाढ़ आ गई है.
बाढ़ की वजह से रतनपुर-पेंड्रा मार्ग बंद हो गया है. आवागमन बंद होने से जगह-जगह जाम लग गया है. वाहन चालक दूसरे रास्ते से आना-जाना कर रहे हैं.
केंदा के पास कसईबहरा में जवस नदी भी उफान पर है. बेलगहना से दार सागर वाला रास्ता भी बंद है.
इधर बिलासपुर शहर के रिहायशी कॉलोनियों में भी पानी भर गया है. लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है.
सोमवार को शहर में महज डेढ़ घंटे में ही 6 सेंटीमीटर (61.6 मिमी) से ज्यादा बारिश हुई. इससे पहले सुबह 8:30 बजे 52.6 मिमी यानी 5.26 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई.
भारी बारिश की वजह से शहर के सरकंडा, तोरवा, मोपका, मंगला, बूटापारा सहित नगर निगम क्षेत्र के कई रिहायशी कॉलोनियों में पानी घुस गया है.
सरकंडा के शिवम होम्स कॉलोनी सहित आसपास के रहवासी 2 दिनों से घर के अंदर हैं. उनका घर से निकला मुश्किल हो गया है. यहां घुटनों से ऊपर तक पानी भरा हुआ ह
वाटरफॉल में फंसे 5 युवक-युवती
कोरबा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवपहरी में पिकनिक मनाने गए पांच लोग अचानक नदी का जलस्तर बढ़ जाने से फंस गए.
बताया गया कि देवपहरी जलप्रपात के सेल्फी पॉइंट पर फोटो खींचने के लिए दो युवक और तीन युवतियां वहां पहुंचे थे.
इस दौरान अचानक वाटर फॉल का जल स्तर बढ़ गया और पांचों वहीं फंस गए.
घटना की सूचना मिलते ही लेमरू थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
पानी के तेज बहाव और रात हो जाने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं. फिर भी ग्रामीणों की मदद से देर रात को युवक-युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
बताया गया कि वाटर फॉल में चेतावनी बोर्ड लगे होने के बावजूद सेल्फी लेने के लिए ये लोग वहां तक चले गए थे.
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