बालोद में डायरिया से 1 की मौत, 4 की हालत गंभीर
बालोद में डायरिया से एक व्यक्ति की मौत हो गई है
बालोद | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम तरौद में डायरिया से एक व्यक्ति की मौत हो गई है. जबकि 30 से अधिक लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं. जिनमें से 4 की हालत काफी गंभीर है.
इनमें से कुछ लोगों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है. वहीं कुछ निजी हॉस्पिटल में इलाज करा रहे हैं. गांव में डायरिया फैलने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर लोगों की जांच शुरू कर दी है.
साथ ही अलग-अलग मोहल्लों से पानी का सैंपल लिया गया है. हालांकि पानी की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है. दूसरी ओर स्वास्थ्य शिविर में ठीक से उपचार नहीं करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया है.
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में डायरिया फैलने से 30 से अधिक लोग बीमार हैं. शुक्रवार को स्थिति और ज्यादा खराब हो गई. गांव में एक के बाद एक लोगों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त की शिकायत आने लगी.
मृतक पैदल ही पहुंचा था अस्पताल
मृतक मोहित निषाद को भी उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी. करीब 7 बार उल्टी के बाद दोपहर में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे.
मृतक मोहित के चचेरे भाई सुरेन्द्र के मुताबिक वह खुद ही पैदल चलते हुए अस्पताल तक गया था. लेकिन शाम 5 बजे उसकी अचानक मौत हो गई. इस घटना से पूरा गांव सदमे में हैं.
फिलहाल गांव के नवीन, यश, गैदी बाई व रामरतन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिनकी स्थिति अभी स्थिर बताई जा रही है.
इसी तरह गांव के कई लोगों का उपचार गांव के प्राथमिक अस्पताल और बालोद के विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है.
20 साल पुरानी पाइपलाइन से सप्लाई
तरौद के सरपंच धर्मेन्द्र रामटेके ने बताया कि गांव में पानी की सप्लाई बोर से हो रही है. बोर का पानी ठीक है. लेकिन रावण भाठा वार्ड में करीब 20 साल पुरानी पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई हो रही है.
इसी पाइपलाइन में लीकेज की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल पीएचई विभाग की टीम मौके पर जांच कर रही है.
एहतियातन इस वार्ड में बोर के पानी के उपयोग पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है.
शिकायत के बाद अधिकारी नहीं पहुंचे
गांव के कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पिछले एक महीने से नल के पानी में कीड़े निकल रहे थे.
जिसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया. अब जब एक व्यक्ति की मौत हो गई, तब प्रशासन सक्रिय हुआ है.
उल्टी-दस्त से पीड़ित ग्रामीण गुरुवार से ही अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं. पर वहां ठीक से उपचार नहीं हो रहा है.
गांव में जब मौत की घटना हुई, तो ग्रामीण काफी घबरा गए हैं. उसके बाद आज बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों भी गए हैं.
मौत डायरिया से हुई अभी कह नहीं सकते- बीएमओ
सीएचएमओ डॉ. महेश सूर्यवंशी का कहना है कि दूषित पानी से डायरिया फैला है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाकर पीड़ितों का उपचार कर रहे हैं. लोगों से सतर्क रहने और उबालकर पानी पीने की अपील की है.
उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात को गांव के स्वास्थ्य शिविर में काफी हंगामा हुआ. ग्रामीण खराब पानी के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. शिविर में उपचार के दौरान कुछ लोग शराब के नशे में पहुंचे थे. ग्रामीणों को समझाया गया है.
इस संबंध में बीएमओ डॉ. जितेन्द्र सिंह का कहना है कि गांव में पानी पाइपलाइन नाली से होकर गुजरी है. हो सकता है कि दूषित पानी पीने से यह शिकायत हो. जिस व्यक्ति की मौत हुई है, वह डायरिया से हुई है यह नहीं कह सकते. मामले की जांच चल रही है. पानी का सैंपल लिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाएंगे.