सोम, 02 नव. 2026

CGKhabar

बांग्लादेश: न्यूनतम वेतन 30 हजार टाका करने की मांग पर गारमेंट श्रमिकों का हाईवे जाम और हिंसा

30,000 टाका न्यूनतम मासिक वेतन की मांग को लेकर गारमेंट श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन जारी है. हाईवे जाम, गाड़ियों में आगजनी और फैक्ट्रियों में छुट्टी के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है.

C

CG Khabar

02 नव. 2026, 12:40 PM 3 मिनट में पढ़ें 38

बांग्लादेश के कपड़ा मजदूरों का चक्का जाम
बांग्लादेश के कपड़ा मजदूरों का चक्का जाम

नई दिल्ली । डेस्क: बांग्लादेश के गाजीपुर जिले के कालियाकैर उपजिला में ढाका-टांगाइल हाईवे पर गारमेंट श्रमिकों ने एक बार फिर उग्र प्रदर्शन किया है. श्रमिक अपनी न्यूनतम मासिक मजदूरी को बढ़ाकर 30,000 टका (रुपये) करने की मांग कर रहे हैं. सोमवार सुबह चंद्र पल्ली बिद्युत इलाके में श्रमिकों का समूह एकत्र हुआ और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बाद में और अधिक लोग इस प्रदर्शन में शामिल हो गए, जिससे हाईवे के दोनों ओर यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया. इस नाकेबंदी के कारण सड़क के दोनों तरफ कम से कम 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे विभिन्न गंतव्यों की यात्रा कर रहे यात्रियों और ड्राइवरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

सुरक्षा बलों की तैनाती और वार्ता के प्रयास

स्थिति पर काबू पाने के लिए कालियाकैर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी शाहिदुल इस्लाम ने बताया कि श्रमिकों के साथ बातचीत के माध्यम से गतिरोध दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. गाजीपुर के उपायुक्त मोहम्मद नुरुल करीम भुइयां ने जानकारी दी कि श्रमिकों के आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) की 10 प्लाटून तैनात की गई हैं और उनके साथ कार्यकारी मजिस्ट्रेट भी ड्यूटी पर रहेंगे. पुलिस का दावा है कि बाहरी तत्वों और श्रमिकों के एक समूह ने चंद्र पल्ली बिद्युत क्षेत्र में एकत्र होकर राजमार्ग को अवरुद्ध किया और उच्च वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया.

विज्ञापन

हिंसा, आगजनी और फैक्ट्रियों में छुट्टी की घोषणा

इससे पहले रविवार सुबह से ही कालियाकैर के चंद्र पल्ली बिद्युत, सफीपुर बाजार, मोउचक और तेलिचला क्षेत्रों में श्रमिकों ने सड़कों को जाम कर प्रदर्शन शुरू किया था. दिनभर चले तनाव के बीच दोपहर के समय चंद्र पल्ली बिद्युत इलाके में एक गारमेंट फैक्ट्री के झूट (कपड़े के स्क्रैप) गोदाम और एक पुलिस वैन में आग लगा दी गई. इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत फैल गई, जिसके बाद कानून प्रवर्तन कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया. विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और हिंसा के कारण कम से कम 30 कारखानों में छुट्टी घोषित कर दी गई. इसके अलावा ढाका के मीरपुर में भी मेट्रो स्टेशन के नीचे एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से मीरपुर 10, 11 और पल्लबी मेट्रो स्टेशनों को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा.

बाहरी तत्वों की संलिप्तता और गिरफ्तारियां

पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि श्रमिकों के इस आंदोलन में बाहरी लोग शामिल होकर अशांति भड़का रहे हैं. एजेंसियों के अनुसार आवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के नेता और कार्यकर्ता इस हिंसक प्रदर्शन में शामिल हुए हैं. पुलिस ने गाजीपुर और मीरपुर से छात्र लीग, स्वयंसेवक लीग और श्रमिक लीग के सदस्यों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है. गाजीपुर जिला और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने प्रदर्शन में सीधे भाग लेने और उकसाने के आरोप में कुल 30 लोगों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है.

प्रधानमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक और नया वेतन बोर्ड

उद्योग क्षेत्रों में फैली इस उग्र स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रविवार शाम सचिवालय स्थित कैबिनेट डिवीजन सम्मेलन कक्ष में गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद, श्रम और रोजगार मंत्री आरिफुल हक चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की. श्रम मंत्री आरिफुल हक चौधरी ने गारमेंट श्रमिकों के लिए नए वेतन बोर्ड के गठन की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि सरकार ने श्रमिकों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद वेतन बोर्ड बनाने का निर्णय लिया है. मंत्री ने चल रहे विरोध के कारण अपनी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा रद्द कर दी और श्रमिकों से सार्वजनिक कठिनाइयों को देखते हुए काम पर लौटने की अपील की.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP