कूटनीति और रक्षा के लिए तैयार है ईरान, US के फैसले पर निर्भर करेगा अगला कदम- ईरान
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह कूटनीति के साथ-साथ रक्षात्मक तैयारियों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह तत्पर है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, अगला कदम अमेरिका के विवेक और उसके द्वारा चुने गए मार्ग पर निर्भर करता है.
नई दिल्ली । डेस्क: तेहरान टाइम्स की खबर है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने देश की पूर्ण रक्षात्मक तत्परता को बनाए रखते हुए कूटनीति के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई है. उन्होंने कहा कि अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या वाशिंगटन एक तर्कसंगत कूटनीतिक दृष्टिकोण चुनता है.
ईरानी संसद की समाचार एजेंसी आईसीएएनए (ICANA) से बातचीत करते हुए अराघची ने एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा और कतरी मध्यस्थों के साथ जारी विचार-विमर्श की जानकारी दी. उप विदेश मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दोहा की यात्रा की, जो हाल के हफ्तों में तेहरान आए कतरी मध्यस्थों के साथ चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए थी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का उद्देश्य अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष बातचीत करना नहीं था, बल्कि दो दिवसीय प्रस्ताव पर मध्यस्थों के साथ परामर्श जारी रखना था.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान के सशस्त्र बलों को एक स्पष्ट मिशन दिया गया है और वे पिछले दो युद्धों के अनुभवों से सीख लेकर पहले से अधिक मजबूत हुए हैं. उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान रक्षा और कूटनीति दोनों के लिए तैयार है और भविष्य के घटनाक्रमों का मार्ग अमेरिका के निर्णयों पर निर्भर करेगा.
एक प्रस्ताव के तहत, यदि अमेरिका ईरान की शर्तों को पूरा करता है तो स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज को दो दिनों के भीतर फिर से खोलने पर चर्चा की जा रही है. इस योजना के अनुसार, अमेरिका पहले दिन आवश्यक कदम उठाएगा और दूसरे दिन इस जलमार्ग को खोल दिया जाएगा, जिससे समुद्री यातायात पहले की स्थिति में लौट सकेगा. अराघची ने कहा कि इस दो दिवसीय प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम परिणाम नहीं निकला है. आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि दूसरा पक्ष ईरान के प्रश्नों के क्या उत्तर देता है.
विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रहा है और उम्मीद जताई कि वाशिंगटन भी अन्य विकल्पों के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने की समझदारी दिखाएगा.
अपनी रक्षात्मक तैयारियों पर बात करते हुए अराघची ने सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ द्वारा वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को दिए गए निर्देशों का उल्लेख किया और कहा कि ये निर्देश इस्लामिक गणराज्य के संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं.
उन्होंने कहा कि ईरान के सशस्त्र बलों को एक स्पष्ट मिशन दिया गया है और वे पिछले दो युद्धों के अनुभवों से सीख लेकर पहले से अधिक मजबूत हुए हैं. उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान रक्षा और कूटनीति दोनों के लिए तैयार है और भविष्य के घटनाक्रमों का मार्ग अमेरिका के निर्णयों पर निर्भर करेगा.