पीलीभीत: मतदाता सूची में हेरफेर, चुनाव आयोग ने दो ERO को किया निलंबित, बहाली पर रोक
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में 13,000 से अधिक मतदाताओं के विवरण में हेरफेर और फर्जी प्रविष्टियों के मामले में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है.
लखनऊ । डेस्क: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में हेरफेर का गंभीर मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. आयोग ने पीलीभीत के दो चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ERO)—मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी—को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को भेजे पत्र में चुनाव आयोग की उप सचिव दीपमाला ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए. पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट आयोग को समीक्षा के लिए भेजी जाए और बिना पूर्व अनुमति के इन्हें बहाल न किया जाए.
इससे एक सप्ताह पहले आयोग ने उप-जिलाधिकारी (SDM) रैंक के इन दोनों अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से हटा दिया था और भारतीय न्याय संहिता की धारा 198 के तहत उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी.
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की शिकायत के बाद प्रकाश में आया था. कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया था कि 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के कुछ हफ्तों बाद पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र (बूथ संख्या 127) के 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके एपिक (EPIC) और सीरियल नंबर समान रखे गए थे.
इसके अलावा 800 वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे और 2,600 ऐसे लोगों के नाम जोड़े गए जो दिए गए पते पर नहीं रहते थे.
मामले की जांच में सामने आया कि मतदाता पंजीकरण केंद्र के एक कंप्यूटर सहायक ने 'ECINET' पोर्टल की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग किया था. उसने 31 मई से 29 अगस्त के बीच विवरण बदलने के लिए 13,779 फॉर्म 8 आवेदन दर्ज किए, जिनमें से 10,470 मंजूर और 3,309 खारिज किए गए.
हालांकि कार्यालय में इन प्रविष्टियों से संबंधित कोई भी आवेदन फॉर्म या दस्तावेज नहीं मिला. इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार को पहले ही बर्खास्त कर दिया है, वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य भर के मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर कंप्यूटर सहायकों की आईडी को निष्क्रिय करने के निर्देश जारी किए हैं.