छत्तीसगढ़ की सड़कों में रोज 15 से ज्यादा मौतें
छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन सड़क हादसों में 15 से अधिक लोग जान गंवा रहे हैं.
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन सड़क हादसों में 15 से अधिक लोग जान गंवा रहे हैं. वहीं 32 से अधिक लोग घायल हो रहे हैं. यह आंकड़ा पिछले पांच सालों का है.
छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं का आये दिन लोग शिकार हो रहे हैं.
कोई भी ऐसा दिन नहीं गुजरता जिसमें सड़क हादसे में मरने वालों की खबर न आये.
विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सड़क हादसों को लेकर जो आंकड़े सामने आये हैं, वह डराने वाले हैं.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में सड़क हादसे में शिकार लोगों के बारे में जो आंकड़े दिये, वो काफी भयावह थे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2019 से 2024 तक राज्य में कुल 79,523 सड़क दुर्घटनायें हुई हैं. उनमें से 70,255 लोग घायल व गंभीर घायल हुए हैं.
जबकि इन पांच सालों में 33,734 मौतें हुई हैं.
सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि शासकीय चिकित्सालयों में सड़क दुर्घटना में घायलों के निःशुल्क जांच एवं उपचार की व्यवस्था है.
आयुष्मान भारत कार्ड धारकों को शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में निर्धारित सीमा में सड़क दुर्घटना में चोट सहित विभिन्न बीमारियों की जांच एवं निःशुल्क उपचार की सुविधा है.
प्राथमिक उपचार के अभाव में मौतें
सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर यह देखा जाता है कि समय पर इलाज न मिलने के चलते घायल दम तोड़ देता है.
दुर्घटनाग्रस्त लोग कई दफा अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं.
दूसरी बात जिला अस्पताल के अलावा अन्य जगहों पर जो सरकारी अस्पताल हैं या ग्रामीण क्षेत्रों में सही ढंग से प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल पाता.
रात के समय स्थिति और गंभीर होती है कि कई जगह डॉक्टर भी उपलब्ध नहीं होते.
सड़क निर्माण में लापरवाही बड़ा कारण
सीएम साय ने बताया कि वर्ष 2019 से 2024 तक राज्य में 848 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 790 में संबंधित निर्माण एजेंसियों द्वारा सुधारात्मक उपाय किए जाने की सूचना दी गई है.
संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को चिन्हित ब्लैक स्पॉट में यथाशीघ्र अल्पकालिक सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं.
फ्लाईओवर, अंडरपास, बाईपास आदि जैसे दीर्घकालिक सुधारात्मक उपायों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं.