चक्रवात अर्नब: छत्तीसगढ़ में बारिश और हवाओं से धान की फसलें तबाह, अमित शाह ने दिया मदद का भरोसा
छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब के कहर से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
रायपुर । संवाददाता: रायपुर में चक्रवात अर्नब के कारण छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. चक्रवाती तूफान से खेतों में खड़ी और काटी गई धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, साथ ही कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है. इस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से फोन पर बात की और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया.
इसके साथ ही अमित शाह ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से भी चर्चा कर राहत और बचाव कार्यों में समर्थन का वादा किया.
उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं और नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस आश्वासन के लिए गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
लगातार हो रही बारिश के कारण बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में स्कूल बंद रहे. रायपुर, गरियाबंद और अंबिकापुर समेत कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा.
इस अस्वाभाविक बारिश ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है; बलरामपुर में काटी गई धान की फसल भीग गई है, वहीं रायगढ़ और रायपुर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं से खड़ी फसलें बिछ गई हैं. खेतों में जलभराव से फसलों के खराब होने और फंगल संक्रमण का खतरा बन गया है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है. इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने उत्तरी छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर गरज- चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. चक्रवाती प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के बावजूद अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है.