ट्रंप: टैरिफ से 1,000-2,000 डॉलर का 'बोनस चेक'!
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी शटडाउन के बीच एक ऐसा बयान दिया है जो वॉल स्ट्रीट से लेकर व्हाइट हाउस तक हलचल मचा रहा है. डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फंडिंग विवाद सुलझा नहीं तो हजारों संघीय कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं. लेकिन तुरंत बाद, उन्होंने एक खुशखबरी भी ला दी नए टैरिफ राजस्व से अमेरिकियों को सीधे 1,000 से 2,000 डॉलर का 'लाभांश' चेक!
ट्रंप ने ओएएन टेलीविजन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में आग उगलते हुए कहा, "नौकरियां कट सकती हैं, और यह डेमोक्रेट्स की गलती होगी!" उन्होंने कार्यालय प्रबंधन एवं बजट (ओएमबी) के ताजा मेमो का हवाला देते हुए जोर देकर कहा कि छंटनी अब बस एक कदम दूर है.
"हम वे 'पसंदीदा' परियोजनाएं काट देंगे जो कभी मंजूर ही नहीं होनी चाहिए थीं और वे हमेशा के लिए गायब हो जाएंगी!" ट्रंप की यह धमकी कांग्रेस में हंगामा पैदा कर रही है, जहां फंडिंग बिल पर गतिरोध के चलते बुधवार को ही संघीय सरकार आंशिक रूप से ठप हो गई. केवल जरूरी सेवाएं जैसे रक्षा और स्वास्थ्य ही चल रही हैं.
टैरिफ का 'ट्रिलियन डॉलर का खजाना': कर्ज चुकाने से लेकर जेब में पैसे तक
ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीतियों को 'गेम चेंजर' बताते हुए दावा किया कि ये राजस्व अभी शुरू हो रहे हैं, लेकिन जल्द ही सालाना एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएंगे! "इन पैसों से हम सरकारी कर्ज चुकाएंगे, जो 38 ट्रिलियन डॉलर का पहाड़ बन चुका है," उन्होंने कहा. अमेरिकी ट्रेजरी के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान कर्ज 37.64 ट्रिलियन डॉलर है – यानी हर अमेरिकी पर औसतन 1 लाख डॉलर से ज्यादा का बोझ!
हालांकि, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का अनुमान इससे आधा ही है सालाना 500 अरब डॉलर.
लेकिन ट्रंप रुके कहां? उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए कहा, "हम अमेरिकियों को सीधा फायदा पहुंचाएंगे लगभग लाभांश की तरह! सोचिए, हर परिवार को 1,000-2,000 डॉलर का चेक. यह तो शानदार होगा!" यह प्रस्ताव ट्रंप समर्थकों में उत्साह भर रहा है, जबकि आलोचक इसे 'चुनावी जुमला' बता रहे हैं.
शटडाउन का साया: अर्थव्यवस्था पर क्या असर?
यह शटडाउन अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए झटका है. लाखों कर्मचारी बिना वेतन के घर बैठे हैं, और परियोजनाएं ठप. ट्रंप की टैरिफ-रिबेट योजना अगर साकार हुई, तो यह न सिर्फ कर्ज कम करेगी बल्कि आम आदमी की जेब मजबूत करेगी. लेकिन सवाल यह है क्या कांग्रेस इसे मंजूरी देगी, या शटडाउन लंबा खिंचेगा?
ट्रंप की यह रणनीति उनकी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का नया अध्याय लग रही है. क्या यह वाकई 'डिविडेंड' बनेगी या सिर्फ बहस का विषय? आने वाले दिनों में सब साफ हो जाएगा. (फोटो- प्रतीकात्मक)