छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में 4 सगे भाइयों को ट्रैक्टर ने रौंदा
बलरामपुर । संवाददाता: सनावल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पीपरपान के पास रविवार की शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है. तेज रफ्तार और लापरवाही का शिकार होकर एक ही घर के चार चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों की पहचान राकेश पंडो (17 वर्ष), रमेश पंडो (19 वर्ष), नरेश पंडो (19 वर्ष) और मनोज पंडो (21 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पेशे से मजदूर थे.
ये चारों भाई डिंडो बाजार से एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे, तभी सुंदरपुर मोड़ के आगे ईंटों से भरे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक प्रेमचंद यादव ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं. टक्कर मारने के बाद उसने गाड़ी रोकने के बजाय घायलों को करीब 100 मीटर तक सड़क पर घसीटा. इसके बाद उसने तड़पते हुए युवकों को वाहन के नीचे से निकालकर सड़क किनारे फेंक दिया.
आरोपी चालक ने न तो एम्बुलेंस को फोन किया और न ही किसी से मदद मांगी, बल्कि पकड़े जाने के डर से ट्रैक्टर का इंजन अलग कर मौके से रफूचक्कर हो गया.
राहगीरों ने जब लहूलुहान हालत में युवकों को देखा, तब जाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही चारों ने दम तोड़ दिया. बिलखते परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते घायलों को इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.
इस मामले में अब साक्ष्य मिटाने और आरोपियों को बचाने का एंगल भी सामने आ रहा है. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद अशोक यादव नामक व्यक्ति ट्रैक्टर के इंजन को छिपाने के लिए अपने ससुराल ग्राम बगरा ले गया, जबकि रामनारायण यादव ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को गायब करने और सबूत मिटाने में उसकी पूरी मदद की.
आक्रोशित परिजनों ने प्रशासन से ट्रैक्टर को तुरंत जब्त करने और चालक प्रेमचंद यादव समेत इस साजिश में शामिल रामनारायण व अशोक यादव पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है.
इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा हरकत में आ गया है. सनवाल थाना प्रभारी बृजलाल भारद्वाज ने बताया कि पुलिस ने इस दर्दनाक हादसे पर मर्ग कायम कर लिया है. चारों मृतकों के शवों को अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए वाड्रफनगर भेज दिया गया है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और कानून के मुताबिक दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.