तेलंगाना के नए DGP शिवधर रेड्डी की माओवादियों को सलाह-हथियार छोड़ें
तेलंगाना के नए DGP शिवधर रेड्डी का माओवादियों को सलाह: हथियार त्यागें
हैदराबाद । डेस्क: तेलंगाना के नव नियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने माओवादियों के साथ किसी भी वार्ता की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में माओवादी समस्या का कोई अस्तित्व ही नहीं है, ऐसे में वार्ता का क्या औचित्य?
मीडिया से बातचीत में रेड्डी ने माओवादियों से हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की. उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस उनका सहयोग करेगी और किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं होगा. "हम आपकी मदद के लिए तैयार हैं और आपका स्वागत करेंगे," उन्होंने बुधवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कहा. उनके पूर्ववर्ती जितेंद्र का मंगलवार को सेवानिवृत्ति के बाद यह नियुक्ति हुई है.
रेड्डी ने हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ सहित कई माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण का जिक्र किया. इनमें सेंट्रल कमिटी सदस्य पद्मावती उर्फ सुजाता भी शामिल हैं, जो वर्तमान में पुलिस की मदद से चिकित्सा उपचार करा रही हैं.
नए डीजीपी ने सीपीआई (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और पोलितब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ सोनू के बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने युद्धविराम और सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी रूप से स्थगित करने की मांग की थी. उन्होंने याद दिलाया कि यह अपील महासचिव नामबाला केशव राव उर्फ बसवराजू की छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मौत से पहले भी चर्चा में थी. इससे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में युद्धविराम पर गंभीर विमर्श का संकेत मिलता है.
हालांकि, उन्होंने कहा कि तेलंगाना में माओवादियों की उपस्थिति न्यूनतम है और वे केवल कभी-कभार राज्य में घुसपैठ करते हैं.
सोशल मीडिया पर विवादास्पद और भड़काऊ सामग्री को लेकर श्री रेड्डी ने चेतावनी दी कि नेताओं या व्यक्तियों की छवि खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ निवारक हिरासत अधिनियम के उपयोग पर वे अस्पष्ट रुख अपनाए