तालिबान 'विदेश मंत्री' मुत्तकी की भारत यात्रा 10 अक्टूबर को
नई दिल्ली । डेस्क: तालिबान शासन के 'विदेश मंत्री' अमीर खान मुत्तकी अगले हफ्ते 10 अक्टूबर को भारत का दौरा करेंगे. विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी.
यात्रा का मुख्य फोकस अफगानिस्तान के लिए विकास सहायता पर होगा, जहां तालिबान के 2021 में सत्ता हासिल करने के बाद दवाओं और कृषि उत्पादों की भारी कमी बनी हुई है.
यह यात्रा लंबे समय से विचाराधीन थी, लेकिन मुत्तकी पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण देरी हो रही थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सैंक्शंस कमिटी ने 30 सितंबर को अस्थायी छूट जारी की, जिससे योजनाएं पक्की हुईं.
जनवरी में दुबई में विदेश सचिव विक्रम मिसरी से उनकी बातचीत चाबहार बंदरगाह के जरिए सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रही.
यात्रा के दौरान चाबहार पोर्ट के निरंतर उपयोग का मुद्दा उठ सकता है, खासकर अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बग्राम एयरबेस को वापस लेना चाहते हैं, लेकिन तालिबान ने इसे ठुकरा दिया है.
क्षेत्रीय स्तर पर यह यात्रा महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुत्तकी ने अगस्त में काबुल में चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मेजबानी की थी. चीन अफगान खनिजों तक पहुंच और CPEC में अफगानिस्तान को शामिल करने पर जोर दे रहा है.
भारत ने 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद काबुल से राजनयिकों की निकासी (ऑपरेशन देवी शक्ति) की थी और तब से मानवीय सहायता दे रहा है, जिसमें दवाओं के consignments शामिल हैं.
नवंबर 2024 में भारत ने तालिबान के नामित इकरामुद्दीन कमिल को मुंबई में 'कार्यवाहक कांसुल जनरल' के पद पर स्वीकार किया था.