सेबी ने अडानी समूह को हिंडनबर्ग के आरोपों से मुक्त किया
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अडानी समूह और इसके अध्यक्ष गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है. जनवरी 2021 में हिंडनबर्ग ने दावा किया था कि अडानी समूह ने तीन कंपनियों-एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रेहवर इन्फ्रास्ट्रक्चर-का उपयोग समूह की कंपनियों के बीच धन हस्तांतरण के लिए किया, जिससे संबंधित पक्ष लेनदेन के नियमों को दरकिनार कर निवेशकों को गुमराह किया गया.
18 सितंबर, 2025 को सेबी ने दो अलग-अलग आदेश जारी किए, जिसमें पाया गया कि कोई उल्लंघन नहीं हुआ. नियामक ने स्पष्ट किया कि उस समय असंबंधित पक्षों के साथ लेनदेन संबंधित पक्ष लेनदेन की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते थे, क्योंकि नियमों में विस्तार केवल 2021 के संशोधन के बाद हुआ.
इसके अलावा, सेबी ने उल्लेख किया कि संबंधित ऋण ब्याज सहित चुकाए गए थे, और धन के दुरुपयोग या धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं मिला.
परिणामस्वरूप, अडानी समूह के खिलाफ सभी कार्यवाही समाप्त कर दी गई है, जिससे समूह और इसके अध्यक्ष को इन आरोपों से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है.