रायपुर: 26 साल पुराने आवास घोटाले में पूर्व प्रबंधक गिरफ्तार
रायपुर । संवााददाता: छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने करीब 26 साल पुराने भ्रष्टाचार के एक मामले में शनिवार को सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के पूर्व प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को 1.86 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद स्थानीय अदालत ने आरोपी को 7 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
यह पूरा मामला साल 1995 से 1998 के बीच का है, जब जरूरतमंदों के लिए चलाई जा रही एक सरकारी आवास योजना के तहत भारी वित्तीय अनियमितता की गई थी.
इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इससे पहले 18 मार्च को दो अन्य मुख्य आरोपियों, तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास मधवानी और पूर्व हाउसिंग सुपरवाइजर बसंत कुमार साहू को भी गिरफ्तार किया था.
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचते हुए फर्जी दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों का सहारा लिया था.
इन्होंने सहकारी समिति के 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपये के ऋण स्वीकृत कराए, जिससे कुल 1.86 करोड़ रुपये का गबन किया गया.
चौंकाने वाली बात यह है कि जब भौतिक सत्यापन किया गया, तो न तो रिकॉर्ड में बताए गए स्थानों पर कोई मकान मिला और न ही उन ऋणधारकों का कोई सुराग लगा. साल 2000 में इस संबंध में विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें अब जाकर महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हो रही हैं.