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अगले महीने सनसनीखेज घटनाक्रम' होंगे– UK कोर्ट में नीरव मोदी का दावा

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19 अक्टू. 2025, 02:39 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

नीरव मोदी
नीरव मोदी

लंदन । डेस्क: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत को वांछित भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने यूनाइटेड किंगडम (UK) की एक अदालत में दावा किया है कि अगले महीने उनके भारतीय प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई में "सनसनीखेज घटनाक्रम" सामने आएंगे.


शुक्रवार 17 अक्टूबर 2025 को रॉयल कोर्ट्स ऑफ जस्टिस में बैंक ऑफ इंडिया (BoI) के $8 मिलियन से अधिक के ऋण से जुड़े एक अलग मामले की सुनवाई के लिए पेश हुए 54 वर्षीय नीरव मोदी ने कहा, "वे (बैंक ऑफ इंडिया) मेरे प्रत्यर्पण का उल्लेख करते हैं... मैं अभी भी यहीं हूं. कुछ सनसनीखेज घटनाक्रम होंगे, और मैंने ये शब्द पहले कभी इस्तेमाल नहीं किए."


मोदी, जो मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद हैं, ने अदालत को बताया कि उन्हें "पूरी उम्मीद" है कि नवंबर के अंत में होने वाली अगली सुनवाई के बाद उन्हें या तो दोषमुक्त कर दिया जाएगा या जमानत मिल जाएगी. क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने पुष्टि की है कि मोदी ने अपने प्रत्यर्पण अपील को फिर से खोलने के लिए आवेदन किया है, जिस पर सुनवाई होने वाली है.


जेल की परिस्थितियों पर जताई निराशा

एक 'लिटिगेंट इन पर्सन' (अपना केस स्वयं लड़ रहे) के तौर पर अदालत में पेश हुए नीरव मोदी ने जेल के भीतर की समस्याओं पर भी निराशा व्यक्त की. उन्होंने आंखों की समस्याओं और कंप्यूटर तक पहुंचने में लंबी देरी का हवाला देते हुए मुकदमे को "अन्यायपूर्ण और असंतुलित" बताया.


मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया के वकीलों की दलीलों पर भी अपना गुस्सा ज़ाहिर किया और कहा, "मैं समझता हूं कि यह एक विरोधी प्रक्रिया है, और वे (बैंक ऑफ इंडिया) मेरे खिलाफ कुछ भी कह सकते हैं. लेकिन वे अनुमान लगाते रहते हैं; मैं कहूंगा, एक दिन जेल में बिताओ... कुछ बुनियादी सामान्य ज्ञान होना चाहिए."


कोर्ट ने ठुकराई स्थगन की अर्जी

हालांकि, न्यायाधीश साइमन टिंकलर ने तकनीकी और चिकित्सा बाधाओं के आधार पर नीरव मोदी के मुकदमे की कार्यवाही को स्थगित करने के आवेदन को खारिज कर दिया. यह मामला अब जनवरी 2026 में ट्रायल के लिए सूचीबद्ध है. न्यायाधीश ने माना कि अदालत के समय-सारणी को बनाए रखने की आवश्यकता अन्य सभी विचारों से अधिक महत्वपूर्ण है.


न्यायाधीश ने गोपनीय मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वीकार किया कि चिकित्सा संबंधी दिक्कतें मोदी के काम करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि सात दिन के ट्रायल के दौरान सभी चिकित्सा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 'उचित समायोजन' किया जाएगा. न्यायाधीश ने यह भी नोट किया कि जेल अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर मोदी को कंप्यूटर उपलब्ध कराने का संकेत दिया है.


भारत में नीरव मोदी के खिलाफ PNB धोखाधड़ी, धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और सबूतों व गवाहों के साथ कथित छेड़छाड़ सहित आपराधिक कार्यवाही के तीन सेट लंबित हैं. अप्रैल 2021 में, तत्कालीन यूके की गृह सचिव प्रीति पटेल ने उनके प्रत्यर्पण का आदेश दिया था.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP