मसूद अजहर ऑपरेशन सिंदूर जिंदा है ?
मसूद अजहर ऑपरेशन सिंदूर के बाद नहीं दिखे, क्या जिंदा हैं ?
नई दिल्ली । डेस्क: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आया है, जिससे उसके जीवित होने पर सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर उसके बारे में कई फर्जी खबरें और पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं.
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मसूद अजहर को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उसके बाद से मसूद अजहर को जनता के सामने नहीं देखा गया. ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद को भारी नुकसान पहुंचा, जिसमें बहावलपुर स्थित उसका मुख्यालय नष्ट हो गया.
हालांकि, अजहर के हताश होने का सबसे बड़ा कारण उसका व्यक्तिगत नुकसान है. पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए किए गए हमले में अजहर ने अपने परिवार के 10 सदस्यों को खो दिया. इसलिए, खुफिया एजेंसियां मानती हैं कि जैश-ए-मोहम्मद से ज्यादा व्यक्तिगत नुकसान से वह आहत है.
अभियान के बाद अजहर ने बताया कि उसके परिवार के 10 सदस्य और चार सहयोगी मारे गए. ये लोग बहावलपुर की जामिया मस्जिद सुब्हानअल्लाह में मौजूद थे, जो जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी है. अजहर के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि हमले में पांच मासूम बच्चे, उसकी बड़ी बहन और उसके पति की मौत हो गई.
क्या मसूद अजहर जिंदा है?
अजहर से संपर्क न होने के कारण उनके कैडर और संगठन के अन्य सदस्य उसके हाल-चाल को लेकर चिंतित हैं. इस वजह से, जंगी भर्ती की दर में भारी कमी आई है और जैश-ए-मोहम्मद के पास अब अजहर का उत्तराधिकारी जैसा कोई नहीं है.
संगठन के नेता कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि अजहर सुरक्षित स्थान पर है और जल्द ही सार्वजनिक होगा. कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए, नेतृत्व अजहर के पुराने वीडियो और भाषणों को प्रसारित कर रहा है और उन्हें नया बताकर पेश करने की कोशिश कर रहा है. वे सुरक्षा कारणों का हवाला दे रहे हैं, लेकिन कार्यकर्ता बार-बार पूछ रहे हैं कि उन्हें सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं देखा जा रहा?
आईएसआई ने पहले मसूद अजहर को अफगानिस्तान भेजने की कोशिश की थी, लेकिन प्रस्ताव बहुत जोखिम भरा लगा. इसके अलावा, आईएसआई और तालिबान के बीच वर्तमान में अच्छे संबंध नहीं हैं, क्योंकि आईएसआई पर तालिबान के खिलाफ तहरीक-ए-तालिबान को समर्थन देने का आरोप है. इसके बाद आईएसआई ने मसूद अजहर को सेना की निगरानी वाले क्षेत्र में स्थानांतरित करने का फैसला किया.
खुफिया अधिकारी कहते हैं कि मसूद अजहर पाकिस्तानी सेना की निगरानी में रावलपिंडी में है. जब दावा किया गया कि मसूद अजहर को दिल का दौरा पड़ा, तब उसे उसी जगह एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया. किडनी फेलियर के बाद उसे फिर रावलपिंडी ले जाया गया.
जैश-ए-मोहम्मद पर सख्त नजर रखने वाले सुरक्षा अधिकारी कहते हैं कि अजहर वापस आएगा, लेकिन इस बार ज्यादा समय लगेगा क्योंकि इसमें व्यक्तिगत नुकसान जुड़ा है. पाकिस्तानी सेना और आईएसआई उन्हें बचाएंगे क्योंकि वे अभी भी उनकी सबसे मूल्यवान संपत्ति है.
अजहर के बिना जैश-ए-मोहम्मद लगभग खत्म है. लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के बाद अजहर उनका सबसे मजबूत प्रतिनिधि है, और आईएसआई किसी भी कीमत पर उन्हें खोना नहीं चाहेगी. भारतीय एजेंसियां उन पर सख्त नजर रख रही हैं क्योंकि वे संदेह नहीं करते कि वे फिर सक्रिय हो जाएंगे.