करिश्मा कपूर के बच्चों ने पिता की संपत्ति के लिये दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
नई दिल्ली । डेस्क: मशहूर उद्योगपति संजय कपूर की करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहे हाई-प्रोफाइल विवाद में एक नया मोड़ आया है. उनकी पूर्व पत्नी, बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दो बच्चों ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपने हक की मांग को लेकर याचिका दायर की है.
बच्चों ने अपनी सौतेली माँ प्रिया कपूर (संजय की तीसरी पत्नी) पर उनके पिता की वसीयत में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है, ताकि वह पूरी संपत्ति पर नियंत्रण हासिल कर सकें.
याचिका में बच्चों ने, जो अपनी माँ करिश्मा कपूर के माध्यम से अदालत में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, संपत्ति के बंटवारे, खातों की जांच और प्रतिवादियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है. उनके अनुसार, प्रिया कपूर ने शुरू में किसी भी वसीयत के अस्तित्व से इनकार किया और दावा किया कि संजय की सारी संपत्ति आर.के. फैमिली ट्रस्ट के तहत है.
हालांकि, बाद में उन्होंने 21 मार्च, 2025 की तारीख वाला एक दस्तावेज पेश किया, जिसे उन्होंने वसीयत बताया, जिससे बच्चों को हेराफेरी और धोखाधड़ी की आशंका हुई.
बच्चों का कहना है कि उनके पिता की अचानक मृत्यु, जो 12 जून, 2025 को यूके के विंडसर में पोलो खेलते समय हुई, से पहले उनके साथ उनका रिश्ता बहुत करीबी था. वे अक्सर एक साथ छुट्टियां मनाते थे, यात्राएं करते थे और पिता के व्यवसाय व निजी जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल रहते थे.
बच्चों का दावा है कि उनके पिता ने उनकी वित्तीय सुरक्षा और भविष्य के लिए कई बार आश्वासन दिया था. उन्होंने बच्चों के नाम पर व्यावसायिक उपक्रम शुरू किए थे, व्यक्तिगत और कॉरपोरेट संस्थाओं के माध्यम से संपत्तियां खरीदी थीं और उन्हें फैमिली ट्रस्ट का लाभार्थी बनाया था.
इस मामले में कई पक्ष शामिल हैं. याचिकाकर्ता करिश्मा कपूर और संजय कपूर की बेटी और नाबालिग बेटा हैं, जिनका प्रतिनिधित्व उनकी माँ कर रही हैं. पहली और दूसरी प्रतिवादी प्रिया कपूर और उनका नाबालिग बेटा हैं, जो राजोकरी में पारिवारिक फार्महाउस में रहते हैं. तीसरी प्रतिवादी संजय कपूर की माँ हैं, जो उसी निवास पर रहती हैं. चौथी प्रतिवादी एक महिला है, जिसने खुद को विवादित वसीयत की निष्पादक बताया है.
याचिका के अनुसार, बच्चों को अपने पिता की मृत्यु के समय उनकी संपत्तियों की पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने ज्ञात संपत्तियों का एक विवरण संलग्न किया है, लेकिन प्रिया कपूर पर संपत्तियों के पूर्ण विवरण को छिपाने और खुलासा न करने का आरोप लगाया है.
संजय कपूर की मृत्यु के बाद, बच्चों ने 19 जून को लोधी श्मशान घाट पर उनकी अंतिम क्रिया की, जिसमें उनके बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी. इसके बाद प्रिया कपूर ने कथित तौर पर ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय संपत्तियों तक उनकी पहुंच को सीमित करना शुरू कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया.