इजरायली जेल में डॉ. हुसाम अबू: 1 साल बाद भी बिना ट्रायल कैद, स्वास्थ्य गिरा
गाजा सिटी । डेस्क: उत्तरी गाजा के कमल अदवान अस्पताल के निदेशक डॉ. हुसाम अबू सफिया को इजरायली हिरासत में एक वर्ष पूरा हो गया है. 52 वर्षीय डॉक्टर को इजरायल ने बिना किसी औपचारिक आरोप या मुकदमे के "गैर-कानूनी लड़ाकू" कानून के तहत बंदी बना रखा है.
उनके परिवार और सहयोगियों ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है.
डॉ. अबू सफिया को पिछले साल 27 दिसंबर को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब इजरायली सेना ने कमल अदवान अस्पताल की घेराबंदी कर उसे खाली करने का आदेश दिया था. उनके सहयोगियों के अनुसार, डॉ. अबू सफिया ने अस्पताल और मरीजों को छोड़ने से इनकार कर दिया था, लेकिन अंततः उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया गया.
वकीलों की रिपोर्ट के अनुसार, जेल में अमानवीय स्थितियों और कथित प्रताड़ना के कारण उनका वजन एक तिहाई से अधिक कम हो गया है. वे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और त्वचा संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जबकि उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है.
डॉक्टर के बेटे इलियास ने बताया कि उनके पिता का एकमात्र 'अपराध' अपनी अंतिम सांस तक मरीजों की सेवा करना था. उल्लेखनीय है कि गिरफ्तारी से पहले इजरायली गोलाबारी में डॉ. अबू सफिया के 20 वर्षीय बेटे इब्राहिम की मौत हो गई थी.
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि डॉ. अबू सफिया जैसे चिकित्सा कर्मियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन है. फिलहाल उनका परिवार और दुनिया भर के चिकित्सा समुदाय उनकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं.