कोरबा में अनोखा प्रदर्शन: गड्ढों में स्नान कर प्रशासन को दिखाया ‘गंदा’ सच
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रविवार को सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों के खिलाफ व्यापारी संगठन और स्थानीय दुकानदारों ने अनोखा प्रदर्शन किया. व्यापारियों ने गंदे बारिश के पानी से भरे इन गड्ढों में उतरकर बाल्टी और साबुन से स्नान किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जो उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है.
इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
कुसमुंडा-इमलीछापर मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब है, जिसके बारे में व्यापारियों ने शिकायत की.
व्यापारी संगठन के अध्यक्ष अशोक राठौर ने बताया कि अधूरी चार-लेन सड़क परियोजना ने इस मार्ग को खतरनाक बना दिया है. लगभग 80-90% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन एक ओवरब्रिज परियोजना के कारण बाकी हिस्सा अटका हुआ है, जिससे यह सड़क स्थानीय लोगों के लिए जोखिम भरी बन गई है.
राठौर ने कहा, "पिछले दो सालों से यह हमारी हकीकत है. बारिश होते ही यह सड़क लगभग 100 मीटर तक जलमग्न हो जाती है. व्यवसाय ठप हो गए हैं, निवासियों को परेशानी हो रही है, और हर दिन दुर्घटना या ट्रैफिक जाम की घटना सामने आती है." उन्होंने इसे प्रशासन को जगाने के लिए एक "प्रतीकात्मक विरोध" बताया.
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इमलीछापर चौक के पास सड़क सबसे खराब हालत में है, जहां बड़े गड्ढों में ठहरे पानी ने तालाब जैसी स्थिति बना दी है. इससे व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है और लोग कीचड़ और पानी भरे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं.
कोरबा जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि उन्होंने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और नगर निगम को गड्ढों वाली सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए हैं.
निवासियों ने शिकायत की कि इमलीछापर ओवरब्रिज के बंद होने से दीपका, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा और हरदीबाजार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से भारी वाहनों का रुख इसी मार्ग पर हो गया है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है.
राजनेश सिंह ने बताया कि सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने और समय पर मरम्मत न होने से दुर्घटनाएं आम हो गई हैं.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द ही सड़क की मरम्मत और ओवरब्रिज को फिर से खोलने में विफल रहा, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेंगे.