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रायपुर AIIMS में रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का शुभारंभ

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06 सित. 2025, 01:10 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

रोबोटिक सर्जरी सिस्टम
रोबोटिक सर्जरी सिस्टम

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित एम्स में रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ किया. शनिवार राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया. 


इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है. यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.”

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मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं. आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है. इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा. एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है.”


मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है. 


उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था. यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो. हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था.”


मुख्यमंत्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं. सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था. जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है. 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे. रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं.”


मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है. 


उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. 


उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है. इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है. अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है.


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है. इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है. 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP