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छत्तीसगढ़ में बिजली की चपेट में आने से सबसे ज्यादा मौतें- NCRB

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03 अक्टू. 2025, 08:51 AM 2 मिनट में पढ़ें 5

आकाशीय बिजली
आकाशीय बिजली

रायपुर । संवाददाता: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा हाल ही में जारी 'भारत में आकस्मिक मौतें और आत्महत्याएं 2023' रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 180 लोगों की जान चली गई. राज्य में कुल प्राकृतिक आपदाओं से 230 मौतें हुईं, जिसमें बिजली की घटनाएं 78.3 प्रतिशत हिस्सा रखती हैं. 


यह आंकड़ा बाढ़, गर्मी की लहरों या भूस्खलन जैसी अन्य आपदाओं से कहीं अधिक है, जो छत्तीसगढ़ को बिजली के मामले में सबसे घातक प्राकृतिक खतरे का शिकार साबित करता है.

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एनसीआरबी के पांच साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019 में पूरे भारत में प्राकृतिक आपदाओं से 8,145 मौतें दर्ज की गईं, जिसमें बिजली का योगदान लगभग 40 प्रतिशत था. 


2020 में यह संख्या 7,405, 2021 में 7,126 और 2022 में 8,060 रही, जिसमें बिजली से 2,887 मौतें हुईं. 2023 में कुल प्राकृतिक मौतें घटकर 6,444 रह गईं, लेकिन बिजली से 2,560 लोगों की जान गई.


राष्ट्रीय स्तर पर बिजली से मौतों के मामले में मध्य प्रदेश (397), बिहार (345) और ओडिशा (294) शीर्ष पर हैं. हालांकि, जनसंख्या के अनुपात में देखें तो छत्तीसगढ़ छठे स्थान पर है, जो राज्य की असामान्य संवेदनशीलता को उजागर करता है. 


पिछले साल की तुलना में भारत में बिजली से मौतें 11.3 प्रतिशत कम हुईं, फिर भी छत्तीसगढ़ के 180 मामले इसे सबसे प्रभावित राज्यों की सूची में रखते हैं.


मौसम विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने इन आंकड़ों के पीछे भूगोल, जलवायु और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों को जिम्मेदार ठहराया. बस्तर पठार और उत्तरी पहाड़ी इलाकों में मानसून की तीव्र संवहन से बार-बार गरज के साथ तूफान आते हैं, जहां गर्मी, नमी और हवाओं का टकराव हिंसक बिजली गतिविधि पैदा करता है. ज्यादातर पीड़ित ग्रामीण और आदिवासी समुदायों से हैं, जिनकी आजीविका खेती और जंगल के काम पर निर्भर है. 


खेतों में काम करने या घर लौटते समय खुले में रहना उन्हें सबसे ज्यादा जोखिम में डालता है.


एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि 30-45 वर्ष की आयु वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है. लोग अक्सर पेड़ों के नीचे शरण लेते हैं, जो खतरे को बढ़ाने के बजाय कम करने का काम करता है. 


प्रेस सूचना ब्यूरो की पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 2018 में 213, 2019 में 212 और 2020 में 246 मौतें बिजली से हुई थीं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP