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भूपेश बघेल को दिवाली पर बेटे चैतन्य से मिलने की अनुमति नहीं मिली

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20 अक्टू. 2025, 04:31 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

भूपेश बघेल
भूपेश बघेल

दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सोमवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें दिवाली के पावन अवसर पर अपने बेटे चैतन्य बघेल, जो वर्तमान में जेल में हैं, से मिलने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया और एक पिता के तौर पर त्योहार पर पारिवारिक मुलाकात से वंचित किए जाने पर गहरी निराशा व्यक्त की.


बघेल ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी हताशा व्यक्त करते हुए पिछली सरकारों के दौरान त्योहारों पर पारिवारिक मुलाकातों की अनुमति दिए जाने की बात याद दिलाई. उन्होंने लिखा, "बीस साल पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बाबूजी को जेल भेजा था, लेकिन दिवाली पर उनसे मिलने की अनुमति मिल गई थी. नरेंद्र मोदी और अमित शाह की कृपा से मेरा बेटा जेल में है. आज दिवाली है, लेकिन मुझे उससे मिलने की इजाजत नहीं है. फिर भी सभी को दिवाली की शुभकामनाएं."

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पत्रकारों से दुर्ग में बात करते हुए, कांग्रेस नेता ने फिर से दोहराया कि उनके बेटे की गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से की गई है. उन्होंने दावा किया कि त्योहारों के दौरान कैदियों को मिलने वाले बुनियादी मुलाकात के अधिकार से भी उन्हें वंचित किया जा रहा है. 


बघेल ने कहा, "मेरे बेटे को अमित शाह और नरेंद्र मोदी के कृत्यों के कारण जेल में डाला गया है. कैदियों को रक्षा बंधन, ईद और दिवाली जैसे त्योहारों पर अपने परिवारों से मिलने की अनुमति होती है. लेकिन मुझे इस दिवाली अपने बेटे से नहीं मिलने दिया जा रहा है."


उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को औद्योगिक परियोजनाओं का विरोध करने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. बघेल ने कहा, "तमनार में अडानी पेड़ काट रहे थे. जब मैंने विरोध किया, तो मेरे बेटे को जेल भेज दिया गया. यही उसकी गिरफ्तारी का कारण है." 


उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्य रिश्तेदारों को भी चैतन्य से मिलने से रोका गया है, जिसे उन्होंने त्योहार के दौरान परिवार की मुलाकातों पर "पूर्ण प्रतिबंध" बताया.


गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में कथित बहु-करोड़ शराब घोटाले की चल रही जांच के सिलसिले में 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था. पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की हिरासत को राजनीतिक प्रतिशोध और असहमति की आवाज़ को दबाने का एक उदाहरण करार दिया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP