भाजपा सरकार वोट-चोर के साथ-साथ जमीन-चोर भी है- कांग्रेस
भागलपुर । डेस्क: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शनिवार को भागलपुर पावर प्लांट प्रोजेक्ट में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कई सवाल उठाए. कन्हैया, जो पार्टी के छात्र संगठन NSUI के प्रमुख हैं, ने कहा, “यह वोट-चोर सरकार जमीन-चोर भी है. बिहार में दिनों तक सर्वे की बातें होती रहीं, लेकिन असलियत यह है कि इनकी नजर बिहार की जमीन पर है. इनका मकसद बिहार के लोगों की जमीन छीनकर अपने दोस्तों को देना है. इस प्रोजेक्ट के लिए अदानी को जमीन केवल 1 रुपये प्रति एकड़ की दर से क्यों दी गई?”
कन्हैया ने यह भी कहा कि भागलपुर पावर प्लांट परियोजना की शुरुआत यूपीए सरकार के समय हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में अदानी समूह को सौंप दी गई.
कांग्रेस ने बिहार में चुनावों से पहले गरीब और भूमिहीन परिवारों को 3 से 5 डिसमल जमीन देने की गारंटी भी दी है, जिसकी मालिकाना हक महिलाओं को दिया जाएगा.
भागलपुर में 2,400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट, जो पीरपैंती में बनाया जा रहा है, अदानी ने बिहार राज्य पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) के साथ 25 साल की पावर सप्लाई एग्रीमेंट के तहत शुरू किया है.
कन्हैया ने परियोजना से होने वाले लाभ पर सवाल उठाते हुए कहा, “इस प्रोजेक्ट से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा होगा, जो अब बिहार के लोगों के बजाय मोदी जी के मित्र के खजाने में जाएगा.”
अदानी पावर ने बताया कि वह इस परियोजना में लगभग 3 अरब डॉलर का निवेश करेगी और इसे अगले 60 महीनों में चालू करने की योजना है. परियोजना के निर्माण चरण में 10,000–12,000 और संचालन के दौरान लगभग 3,000 स्थायी रोजगार सृजित होंगे.
कंपनी ने कहा कि कोयला आपूर्ति सरकार की SHA KTI नीति के तहत सुरक्षित की गई है, जो पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित करती है. अदानी पावर भारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का थर्मल पावर उत्पादक है, जिसकी स्थापित क्षमता 18,110 मेगावाट है.