जीवन में कब क्या हुआ था बिल्कुल सटीक बता रही है किशोरी
नई दिल्ली । डेस्क: साधारण लोगों की तुलना में अतीत की ज्यादा घटनाओं को हुबहू याद रख सकती है यह किशोरी. पूरी दुनिया में 100 से भी कम लोगों में यह दुर्लभ मानसिक स्थिति देखी जाती है. वे अपने जीवन की लगभग हर घटना को सटीक तारीख सहित वर्णन कर सकते हैं.
अचानक अगर पूछा जाए कि एक साल पहले अमुक दिन क्या किया था, तो क्या जवाब दे पाएंगे? न दे पाना ही सामान्य है. लेकिन दुनिया में ऐसे लोग भी हैं, जो अपने व्यक्तिगत जीवन की अतीत की छोटी-छोटी जानकारी गड़गड़ाकर बता सकते हैं. हाल ही में ऐसी ही एक 'आश्चर्यजनक किशोरी' की खोज हुई है. स्वाभाविक रूप से वैज्ञानिकों में उसके प्रति जिज्ञासा बढ़ गई है. वर्तमान में पेरिस के एक विश्वविद्यालय में इस किशोरी पर शोध शुरू हो गया है.
अतीत की सभी घटनाएं इंसान के दिमाग में अटकी नहीं रहतीं. आमतौर पर बहुत यादगार दिन या घटना को छोड़कर अतीत को हुबहू याद रखना मुश्किल है. अतीत की यादें हाथ में पकड़ी रेत की तरह हैं. एक निश्चित मात्रा में रेत ही पकड़ी जा सकती है. इससे ज्यादा पकड़ने की कोशिश करें तो उंगलियों के फांक से अतिरिक्त रेत निकल जाती है. यादें भी वैसी ही हैं. लेकिन ऐसे लोग भी हैं, जिनके दिमाग से अतिरिक्त यादें गायब नहीं होतीं. वे सभी यादों को मजबूती से पकड़ लेते हैं.
हाल ही में ऐसी ही एक किशोरी की याददाश्त पर शोध कर रहे हैं पेरिस विश्वविद्यालय के शोधकर्ता. शोध के हित में उसका नाम गोपनीय रखा गया है. शोधकर्ता बता रहे हैं कि साधारण लोगों की तुलना में अतीत की ज्यादा घटनाओं को हुबहू याद रख सकती है यह किशोरी. नहीं, यह कोई विशेष शक्ति नहीं है. इसके पीछे है एक दुर्लभ मानसिक स्थिति, हाइपरथाइमेसिया. पूरी दुनिया में 100 से भी कम लोगों में यह दुर्लभ मानसिक स्थिति देखी जाती है. वे अपने जीवन की लगभग हर घटना को सटीक तारीख सहित वर्णन कर सकते हैं.
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के न्यूरोबायोलॉजिस्ट्स ने 2006 में पहली बार एक महिला में हाइपरथाइमेसिया की खोज की थी. उसके बाद से इस पर शोध बढ़ गया है. पेरिस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हाल ही में इस 'आश्चर्यजनक' किशोरी की खोज की है. उसके बाद से ही उसकी यादों पर परीक्षण शुरू कर दिए हैं शोधकर्ता. किशोरी जिस तरह अतीत की यादों को हुबहू बता सकती है, उसे शोधकर्ता एक तरह का मानसिक 'टाइम ट्रैवल' बता रहे हैं.
शोधकर्ताओं का दावा है कि यादों के समुद्र में डुबकी लगाकर पूर्व की किसी घटना को फिर से अनुभव कर सकती है किशोरी. इस किशोरी ने शोधकर्ताओं को बताया कि बहुत छोटी उम्र से ही अतीत की यादों को फिर से घूमकर देख सकती है वह. आठ साल की उम्र में दोस्तों को अपनी इस विशेष 'क्षमता' के बारे में बताया था किशोरी ने. लेकिन तब किसी ने विश्वास नहीं किया.
दोस्तों ने सोचा कि वह झूठ बोल रही है. तब तक किशोरी भी समझ चुकी थी कि उसका दिमाग असामान्य तरीके से काम करता है. इसलिए विषय को अजीब लग सकता है सोचकर लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बताया. उसके बाद 16 साल की उम्र में घर में इस बारे में बताया और 17 साल की उम्र में पेरिस विश्वविद्यालय के इस शोध में भाग लेने का फैसला किया. (फोटो- प्रतीकात्मक)