रायगढ़ में जंगली हाथियों ने 42 किसानों की धान फसल बर्बाद की
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की बेलगाम फसल चराई ने स्थानीय किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है. धरमजयगढ़ वन मंडल के विभिन्न गांवों में रात भर की सतर्कता के बावजूद, कुल 42 किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा.
सबसे अधिक प्रभावित कटाईपाली, बेहरामुड़ा, लोटान और देउरमार गांव रहे, जहां 21 किसानों की तैयार फसलें तबाह हो गईं.
इसी क्रम में फुलीकुंडा में नौ, बोजिया में आठ, औरानारा में दो तथा इंचपारा में दो किसानों की धान की उपज पर हाथियों ने पूरी तरह कब्जा जमा लिया.
इन गांवों में धान की कटाई का मौसम जोरों पर होने के कारण किसान रात-दिन जागते हुए अपनी फसलों की रखवाली कर रहे थे, लेकिन हाथियों की सतर्कता से परे चालाकी ने सब व्यर्थ कर दिया.
इस संकट की जड़ में वन मंडल में विचरण कर रहे 74 जंगली हाथी हैं, जो अलग-अलग दलों में बंटे हुए हैं. इनमें छाल के लोटान क्षेत्र में 19, बोजिया में 15, लैलूंगा रेंज के तिलाईदरहा में 13 तथा बोरो रेंज के इंचपारा में 13 हाथी शामिल हैं, जबकि अन्य रेंजों में भी छोटे-छोटे समूह सक्रिय हैं.
इन दलों की संरचना विविधतापूर्ण है, जिसमें 24 नर हाथी, 31 मादाएं और 19 छोटे बछड़े मौजूद हैं.
वन विभाग ने तत्काल नुकसान का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है और प्रभावित किसानों को मुआवजे की प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया है.
हालांकि, लगातार हो रहे हमलों से किसान आक्रोशित हैं और विभाग से तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद न हो.