ट्रंप ने जेलेंस्की से रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने क्यों कहा?
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से रूस के तेल रिफाइनरी और डीजल उत्पादन ठिकानों पर हमले तुरंत रोकने का आह्वान किया है. ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यूक्रेन इन हमलों के लिए रूस के अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है, लेकिन ईंधन ढांचों को तबाह करना बंद करे क्योंकि इससे पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है.
इस अपील के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका में बढ़ता ईंधन संकट और आने वाले मध्यावधि चुनाव हैं. वैश्विक बाजार में डीजल की कमी के चलते अमेरिका में भी इसकी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं और यह पहली बार औसतन 6 डॉलर प्रति गैलन के आंकड़े को पार कर चुकी हैं.
नवंबर में होने वाले मध्यावधि (मिड-टर्म) चुनावों से ठीक पहले ईंधन की बढ़ती कीमतों से अमेरिकी मतदाता खासे परेशान हैं. ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि महंगाई का सीधा असर जनमत पर पड़ता है और वे चुनावों के दौरान अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी का जोखिम नहीं उठाना चाहते.
यूक्रेन बीते कई महीनों से रूस के तेल और गैस उद्योग को निशाना बना रहा है. कीव का मानना है कि रूसी तेल उद्योग ही मॉस्को के युद्ध को आर्थिक और ईंधन दोनों रूप से मदद पहुँचाता है. इन हमलों के कारण रूस में ईंधन राशनिंग लागू करनी पड़ी और मॉस्को ने जुलाई में डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति काफी घट गई.
उधर, मध्य पूर्व में ईरान के साथ हुए संघर्ष की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल आपूर्ति भी बुरी तरह बाधित हुई है.
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी देशों से डीजल और गैसऑयल का निर्यात घटकर युद्ध से पहले के स्तर का महज एक-चौथाई रह गया है. रूसी रिफाइनरियों पर हमलों ने इस किल्लत को और गंभीर बना दिया है.
रूस द्वारा यूक्रेन के पावर ग्रिड पर लगातार किए जा रहे हमलों के बीच ट्रंप का यह बयान वैश्विक ऊर्जा संकट को संतुलित करने और घरेलू राजनीति में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने की एक सीधी रणनीति माना जा रहा है.