WHO: भारत से निपाह वायरस के फैलने का खतरा कम
नई दिल्ली । डेस्क: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि भारत में सामने आए निपाह वायरस मामलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने का जोखिम फिलहाल कम है. संगठन के अनुसार अभी तक मानव-से-मानव संक्रमण में वृद्धि का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है.
WHO ने यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में हालिया निपाह वायरस संक्रमण के मामलों के बाद की है, जहां अब तक 5 संक्रमित मरीज सामने आए हैं और करीब 100 लोगों को निगरानी (क्वारंटीन) में रखा गया है.
WHO के एक अधिकारी ने बताया कि भारत पहले भी ऐसे प्रकोपों से निपट चुका है और देश के पास आउटब्रेक को नियंत्रित करने की पर्याप्त क्षमता है. केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय लागू कर रही हैं.
हालांकि, WHO ने यह भी स्पष्ट किया कि संक्रमण का स्रोत अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. संगठन ने चेतावनी दी कि चमगादड़ निपाह वायरस के प्राकृतिक वाहक हैं और भारत व बांग्लादेश के कुछ हिस्सों जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है में आगे जोखिम बना रह सकता है.
समुदाय को खजूर के रस के सेवन जैसे जोखिम कारकों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया गया है.
WHO के अनुसार, यह भारत में निपाह वायरस का सातवां प्रकोप है और पश्चिम बंगाल में तीसरी बार संक्रमण सामने आया है. इससे पहले 2001 में सिलीगुड़ी और 2007 में नदिया जिले में मामले दर्ज किए गए थे.
इस बीच, चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण एवं रोकथाम प्रशासन ने कहा है कि चीन में निपाह वायरस का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है. प्रशासन के अनुसार पश्चिम बंगाल की चीन से कोई स्थलीय सीमा नहीं लगती, इसलिए मौजूदा प्रकोप का चीन पर प्रभाव सीमित है.
हालांकि, आयातित संक्रमण के जोखिम को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में निपाह मामलों के बाद हांगकांग, ताइवान, थाईलैंड और नेपाल समेत कई एशियाई हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य जांच और यात्रियों की स्क्रीनिंग कड़ी कर दी गई है.