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जब सलमान खान की मदद पर भड़क गए थे राजेश खन्ना

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25 जुल. 2026, 08:27 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

राजेश खन्ना
राजेश खन्ना

मुंबई । डेस्क: हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की लोकप्रियता और उनके बंगले 'आशीर्वाद' के किस्से बॉलीवुड के इतिहास में बेहद मशहूर हैं. साठ के दशक के मध्य में अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले राजेश खन्ना को बी-टाउन का पहला असली सुपरस्टार माना जाता है. 


हालांकि, उनकी इस बेमिसाल सफलता का दौर बहुत लंबा नहीं चला. लोकप्रियता के शिखर पर रहते हुए उन्होंने मुंबई के कार्टर रोड पर स्थित एक वीरान बंगले को उस जमाने में महज 65 हजार रुपये में खरीदा था. पचास के दशक में यह संपत्ति मशहूर अभिनेता भारत भूषण की थी, जिसे बाद में अभिनेता राजेंद्र कुमार ने खरीदा और अपनी बेटी के नाम पर इसका नाम 'डिंपल' रखा. 

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जब सत्तर के दशक में राजेश खन्ना ने यह बंगला खरीदा, तो राजेंद्र कुमार की शर्त पर इसका नाम बदलकर 'आशीर्वाद' रखा गया. राजेंद्र कुमार ने उनसे कहा था कि यह घर उनकी किस्मत बदल देगा, और हुआ भी वही. 


'आशीर्वाद' प्रशंसकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया और इसके बाहर हमेशा महिला प्रशंसकों की भारी भीड़ जुटी रहती थी. सत्तर और अस्सी के दशक के दौरान राजेश खन्ना बॉलीवुड में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले अभिनेताओं की सूची में शीर्ष पर रहे.


हालांकि, सत्तर के दशक के उत्तरार्ध में अमिताभ बच्चन के 'एंग्री यंग मैन' वाले दौर के आते ही राजेश खन्ना की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर जादू फीका पड़ने लगा. लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण वे भारी कर्ज में डूब गए और स्थिति ऐसी हो गई कि निर्देशकों ने उनके साथ काम करना बंद कर दिया. 


इस मुश्किल दौर में पत्नी और बच्चों से दूर अकेले बंगले में रहने के बजाय वे अपने लिंकिंग रोड स्थित दफ्तर में ज्यादा समय बिताने लगे. 


इसी दौरान जब बंगले का करीब डेढ़ करोड़ रुपये का टैक्स बकाया हो गया, तब अभिनेता सलमान खान ने पटकथा लेखक रूमी जाफरी के जरिए इस बंगले को खरीदने की पेशकश भेजी. 


सलमान ने बाजार मूल्य पर बंगला खरीदने, राजेश खन्ना का पूरा कर्ज चुकाने और उनकी प्रोडक्शन कंपनी के लिए बिना किसी फीस के एक फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया. 


लेकिन अपनी खुददारी के लिए मशहूर राजेश खन्ना यह प्रस्ताव सुनकर बेहद नाराज हो गए और उन्होंने सलमान की मदद को साफ खारिज कर दिया. वे अपनी आखिरी सांस तक इसी बंगले में रहे और साल 2014 में उनके निधन के बाद इस ऐतिहासिक बंगले को एक उद्योगपति को 90 करोड़ रुपये में बेच दिया गया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP