पश्चिम बंगाल SIR: 58 लाख से अधिक वोटरों के नाम डिलीट
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग (EC) ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा होने के बाद राज्य की ड्राफ्ट चुनावी सूची प्रकाशित कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, मृत्यु, प्रवासन और प्रपत्र जमा न करने जैसे कारणों से 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची में 7,08,16,631 मतदाता होने का अनुमान है, जो SIR से पहले के 7,66,37,529 मतदाताओं की संख्या से 58,20,898 की कमी है.
हटाए गए मतदाताओं की सूची और उनके कारणों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), पश्चिम बंगाल की वेबसाइट (ceowestbengal.wb.gov.in/Electors) और ईसीआई के वोटर पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर अपलोड कर दिया गया है. हटाए गए नामों की विस्तृत जानकारी के लिए ceowestbengal.wb.gov.in/asd\_sir पर एक अलग पोर्टल उपलब्ध है.
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित मतदाताओं के लिए सुनवाई की प्रक्रिया लगभग एक सप्ताह में शुरू होगी.
सीईओ कार्यालय से जारी एक विस्तृत ब्रेकअप के अनुसार, हटाए गए नामों में 24,16,852 मतदाता मृत, 19,88,076 स्थायी रूप से स्थानांतरित, और 12,20,038 लापता/अज्ञात थे. इसके अलावा, 1.38 लाख डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ और 1,83,328 'घोस्ट' मतदाता भी शामिल थे.
चुनाव आयोग ने जोर दिया है कि ड्राफ्ट सूची से हटाना अंतिम नहीं है. प्रभावित व्यक्ति 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दावों और आपत्तियों के लिए निर्धारित अवधि के दौरान फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं.
विशेष रोल ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने जनता से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं. उन्होंने कहा कि लगभग 30 लाख मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा ताकि वे अपनी पात्रता सिद्ध कर सकें.
ड्राफ्ट सूची जारी होते ही राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा और चुनाव आयोग पर "संयुक्त साजिश" का आरोप लगाया है. पार्टी ने दावा किया है कि "लगभग दो करोड़ मतदाताओं के लिए सुनवाई" नागरिकता पर सवाल उठाकर लोगों को डराने की कोशिश है.
भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी के आरोपों का मज़ाक उड़ाया और कहा कि वह अंतिम सूची 14 फरवरी को प्रकाशित होने के बाद ही टिप्पणी करेंगे.
टीएमसी ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े "पैनिक" के कारण 40 नागरिकों की मौत, जिनमें आत्महत्या के मामले भी शामिल हैं, का आरोप लगाया है. भाजपा ने इन दावों को "राजनीति से प्रेरित" बताकर खारिज किया है.