पश्चिम बंगाल पुलिस व BSF में संघर्ष, तीन पुलिसकर्मी घायल?
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में मंगलवार रात को प्रतिबंधित कफ सिरप 'फेनसेडिल' जब्त करने को लेकर सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई. यह घटना मंगलवार रात करीब 9 बजे नादिया के कृष्णनगर पुलिस जिले के चापा थाना क्षेत्र में हुई. केंद्रीय और राज्य बलों के बीच इस झड़प में कम से कम तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
स्थिति को नियंत्रण में लाने के बाद, पुलिस ने संघर्ष में शामिल होने के आरोप में एक बीएसएफ कर्मी को हिरासत में लिया है.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मंगलवार शाम को चापा थाना क्षेत्र की सीमा नागर इलाके के पास कृष्णनगर-करीमपुर राज्य सड़क पर एक कार से कुछ पैकेट उतारे जा रहे थे. स्थानीय निवासियों ने पैकेट खोलकर देखा तो उनमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप 'फेनसेडिल' था. स्थानीय लोगों ने तुरंत चापा थाने को इसकी सूचना दी.
चापा थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त करके अपनी गाड़ी में रख लिया. तभी सीमा नागर 32 बटालियन के बीएसएफ जवान मौके पर पहुंचे. बीएसएफ ने जब्त किए गए प्रतिबंधित कफ सिरप को अपनी हिरासत में लेना चाहा. लेकिन पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए यह हस्तांतरण करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई.
इसके बाद उनमें हाथापाई शुरू हो गई. स्थिति को संभालने के लिए और पुलिसकर्मी तथा बीएसएफ की एक टीम मौके पर पहुंची.
इस झड़प में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए चापा अस्पताल ले जाया गया. सूत्रों के मुताबिक, घायल तीन पुलिसकर्मियों में से एक की चोट गंभीर है. झड़प के बाद चापा थाना पुलिस ने एक बीएसएफ कर्मी को हिरासत में लिया है.
खबर मिलते ही बीएसएफ के उच्च पदस्थ अधिकारी मौके पर पहुंचे. वहीं, कृष्णनगर पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और डीएसपी भी मौके पर पहुंचे. सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इस समय दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है.
बीएसएफ का दावा है कि उनके पास विशिष्ट सूत्रों से खबर थी कि एक गाड़ी से चापा थाने की सीमा पर प्रतिबंधित कफ सिरप लाया जा रहा है. उनका आरोप है कि जब वे उन्हें जब्त करने गए तो राज्य पुलिस ने बाधा डाली.
दूसरी ओर, पुलिस का आरोप है कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए 'फेनसेडिल' जब्त करने के बाद बीएसएफ कर्मियों ने उन्हें अपनी हिरासत में लेना चाहा. कानूनी कारणों से हस्तांतरण करने से मना करने पर विवाद शुरू हुआ. (फोटो: सांकेतिक)