प. बंगाल: बागी गुट के नेता बने विधानसभा में विपक्ष के नेता
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तगड़ा झटका देते हुए पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता (LoP) चुन लिया गया है.
बागी विधायकों के दावे को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद यह फैसला सामने आया है.
कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए बागी टीएमसी विधायकों के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनके गुट को 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में मान्यता दे दी गई है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव जीतने वाले दो-तिहाई से अधिक विधायक उनके साथ हैं और उन्होंने सभी कानूनी नियमों का पालन करते हुए ही अपना दावा पेश किया था.
ऋतब्रत ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष को 58 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा गया था, जिसमें उनके नाम का प्रस्ताव था. इसके साथ ही सेउली साहा और जावेद अहमद खान को उपनेता बनाने का प्रस्ताव दिया गया है.
ऋतब्रत बनर्जी ने इस दौरान ममता बनर्जी पर सीधा हमला करने के बजाय उन्हें एक नई भूमिका की सलाह दी, जबकि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि ममता बनर्जी मुख्य सलाहकार की भूमिका में रहें और विपक्ष के रूप में उनकी स्थिति मजबूत करने के लिए सलाह दें.
हालांकि, डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब पार्टी संगठन या विधायी टीम में अभिषेक की कोई भूमिका नहीं बची है. जनता भी उनसे दूरी बना चुकी है और उन्हें अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र तक लिखना पड़ा है.
गौरतलब है कि इससे पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त किया था, लेकिन खबरों के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें मान्यता नहीं दी, जिससे अब बागी गुट का पलड़ा भारी नजर आ रहा है.