शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

प. बंगाल सरकार का आदेश0-SIR के कारण 'विकास' कार्य न रुके

प. बंगाल सरकार का आदेश, SIR के कारण 'विकास' कार्य न रुके !

C

CG Khabar

23 नव. 2025, 01:31 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

मनोज पंत
मनोज पंत

कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में SIR के तहत मतदाता सूची के संशोधन का काम शुरू होने के बाद राज्य प्रशासन पर काम का बोझ बढ़ गया है. इस दौरान, राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत ने यह सुनिश्चित करने के लिए सीधे निर्देश जारी किए हैं कि विकास कार्य किसी भी कीमत पर न रुकें.


नबन्ना (राज्य सचिवालय) में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को यह संदेश दिया. नबन्ना सूत्रों के अनुसार, हालांकि मुख्य सचिव ने सीधे SIR शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन उनके बयान से यह स्पष्ट था कि किसी अन्य काम के 'बहाने' सरकारी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उपस्थित अधिकारियों ने समझा कि यह निर्देश मुख्य रूप से SIR के काम के अतिरिक्त दबाव को ध्यान में रखकर दिया गया है.


प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि "आमार पाड़ा, आमार समाधान" (मेरा पड़ोस, मेरा समाधान) कार्यक्रम के तहत उठी सभी सार्वजनिक मांगों का तेजी से निपटारा किया जाए और प्रगति रिपोर्ट नबन्ना भेजी जाए. इसके साथ ही, राज्य के 15 जनहितकारी विभागों की परियोजनाओं के काम में किसी भी तरह की धीमी गति न हो, इस पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है.


मुख्य सचिव ने विशेष रूप से 'बांग्लार बाड़ी', 'जलस्वप्न', 'पथश्री' और स्व-सहायता समूहों को ऋण प्रदान करने जैसी परियोजनाओं पर जोर देने को कहा. उन्होंने ग्रामीण सड़क परियोजनाएँ कहीं रुकी हुई तो नहीं हैं और लाभार्थियों की सूची का ठीक से पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जाँच करने का निर्देश दिया.


राजनीतिक गलियारों का मानना है कि इस प्रशासनिक निर्देश के भीतर एक राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है. चूंकि राज्य में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए SIR के दबाव के कारण सरकारी सेवाएँ या विकास कार्य प्रभावित न हों, यही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का संदेश है, राजनीतिक हलकों के एक वर्ग का मत है.


दूसरी ओर, राज्य में SIR के दौरान बीएलओ और आम लोगों की मौतों को लेकर पहले ही विवाद खड़ा हो चुका है. तृणमूल का दावा है कि ये सब SIR के आतंक के कारण हो रहा है और इसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है. 


गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही राष्ट्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक पत्र भेज चुकी हैं. इस घटना के बाद मुख्य सचिव की इस आपात बैठक को प्रशासनिक हलकों में काफी महत्व दिया जा रहा है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP