ममता बनर्जी ने बिना आधार कार्ड वालों के लिए तत्काल व्यवस्था करने कहा
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए तत्काल आधार कार्ड की व्यवस्था की जाए. यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के मद्देनजर दिया गया है, जिसमें विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के लिए आधार कार्ड को पहचान के दस्तावेज के रूप में शामिल करने को कहा गया है.
बिहार में, जहां इस साल चुनाव होने हैं, मतदाता सूची का एसआईआर पहले ही पूरा हो चुका है.
जलपाईगुड़ी जिले में एक प्रशासनिक बैठक को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “मैं जिला मजिस्ट्रेटों से कह रही हूं कि इस मामले में विशेष पहल करें ताकि जिन लोगों के पास अभी तक आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए तुरंत व्यवस्था की जाए.”
उन्होंने आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी ताकि उनका नाम मतदाता सूची से न हटे.
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा नाम मतदाता सूची में है या नहीं. केवल अभी सतर्क रहना काफी नहीं है, अगले छह से सात महीनों तक सतर्क रहना होगा. अगर नाम मतदाता सूची में नहीं होगा, तो वे एनआरसी लागू कर देंगे.”
ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस शुरू से ही एसआईआर का विरोध कर रही हैं. उनके मुताबिक, एसआईआर का असली मकसद पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू करना है.
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी एसआईआर का विरोध इसलिए कर रही हैं क्योंकि उन्हें डर है कि मतदाता सूची से कई रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे.