पश्चिम बंगाल: खुद BLO का नाम मतदाता सूची से गायब
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में मतदाताओं के चुनावी अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का नाम ही मतदाता सूची से काट दिया गया है. हरोआ विधानसभा क्षेत्र के कालिकापुर दक्षिण गाँव के रहने वाले शम्सुज्जमां शाहीन और उनके माता-पिता के नाम 23 मार्च को प्रकाशित पहली पूरक सूची (सप्लीमेंट्री लिस्ट) से नदारद मिले.
पेशे से सरकारी स्कूल में भौतिक विज्ञान के शिक्षक 41 वर्षीय शम्सुज्जमां उस समय दंग रह गए जब उन्होंने देखा कि उनके बूथ के 912 मतदाताओं में से 42 लोगों के नाम हटा दिए गए हैं, जिनमें वे स्वयं और उनका परिवार भी शामिल है.
हैरानी की बात यह है कि शम्सुज्जमां ने सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अपना पासपोर्ट, आधार कार्ड, माध्यमिक प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र जैसे तमाम आधिकारिक दस्तावेज जमा किए थे.
उनके 76 वर्षीय पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता माँ ने भी अपने भूमि दस्तावेज और पासपोर्ट पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें निर्णयाधीन श्रेणी में रखा गया और अंततः सूची से बाहर कर दिया गया.
शम्सुज्जमां ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे दिन-भर मतदाताओं के फॉर्म भरते थे और रात भर ऐप पर दस्तावेज अपलोड करते थे, लेकिन अंत में उनके साथ ही यह अन्याय हुआ.
उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को मानसिक प्रताड़ना बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के मतदान का अधिकार सुनिश्चित कर रहा था, आज उसे ही अपनी नागरिकता और वोट देने के अधिकार की लड़ाई लड़नी पड़ रही है.
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने अब नाम कटने वाले मतदाताओं के लिए अपील का ऑनलाइन विकल्प खोला है, जिसके माध्यम से शम्सुज्जमां इस विसंगति के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंायब