अतीत में हमसे गलतियां हुईं, लेकिन अब व्यवस्था दुरुस्त- धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया है कि कुछ खामियों और गलतियों की वजह से ही मेडिकल स्नातक प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) का पेपर लीक हुआ था. एक साक्षात्कार के दौरान अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा, "मैं यह मानता हूँ कि अतीत में हमसे गलतियां हुई हैं, लेकिन हमने उन सभी कमियों और गलतियों को बहुत तेजी से सुधार भी लिया है."
पेपर लीक के इस बड़े विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को महज 37 दिनों के भीतर दोबारा नीट परीक्षा आयोजित करनी पड़ी. इस बार किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए परीक्षा केंद्रों पर बेहद कड़ी निगरानी रखी गई और एक लाख से भी अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी गई.
हालांकि, इस पुन: परीक्षा (री-नीट) को लेकर भी कुछ अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि री-नीट में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई है.
परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "नीट अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के लिए मेरा यही संदेश है कि वे सकारात्मक रहें और सरकारी व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं और हमने अब पूरी व्यवस्था को सही पटरी पर ला दिया है."
गौरतलब है कि पेपर लीक विवाद के बाद मोदी सरकार ने गत 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया था. इसके बाद 21 जून को योग दिवस के अवसर पर देश भर में इस परीक्षा का दोबारा आयोजन किया गया.
इस री-नीट के दौरान दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर ओखला स्थित एनटीए मुख्यालय से करीब 1 लाख 38 हजार 560 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सीधे परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई थी, जहां खुद शिक्षा मंत्री भी मौजूद थे.
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर छात्रों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए और सरकार इसे पूरी तरह सुनिश्चित कर रही है.