फिर भड़का ईरान, इसराइल ने भी दिया जवाब
नई दिल्ली | डेस्क: ईरान और इसराइल के बीच चल रहा युद्ध थमता नज़र नहीं आ रहा. पाकिस्तान में हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद, बयानबाजी तेज़ हो गई है.
पाकिस्तान में बातचीत असफल होने के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि अमेरिका के साथ 'दो-तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर असहमति' की वजह से समझौता नहीं हो पाया.
इस्माइल बक़ाई ने ईरान न्यूज़ नेटवर्क से कहा, "पाकिस्तान की मध्यस्थता से 24 से 25 अप्रत्यक्ष वार्ताएं हुईं और कुछ मामलों में हम अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक समझौते पर पहुंचे, लेकिन दो या तीन मामलों में विचार अलग थे और हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके."
हालाँकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि किन मुद्दों पर अमेरिका के साथ सहमति नहीं बन सकी.
उन्होंने सिर्फ़ इतना कहा कि क्षेत्र और होर्मुज़ स्ट्रेट जैसे नए मुद्दों के जुड़ने से बातचीत और अधिक जटिल हो गई है और यह उम्मीद नहीं है कि एक दिन में कोई समझौता हो पाएगा.
इस्माइल बक़ाई ने कहा कि अमेरिका से बातचीत "अविश्वास के माहौल" में शुरू हुई और एक ही बैठक में समझौते पर पहुँचने की संभावना बहुत कम थी.
उन्होंने कहा, "ये वार्ताएं 40 दिनों के युद्ध के बाद अविश्वास और संदेह के माहौल में हुईं. स्वाभाविक रूप से, यह उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि केवल एक बैठक में समझौता हो जाएगा. किसी को भी इसकी उम्मीद नहीं थी."
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ईरान, पाकिस्तान और क्षेत्र के "अन्य मित्रों" के बीच संपर्क और बातचीत जारी रखेगा.
उन्होंने आगे कहा कि "कूटनीति कभी समाप्त नहीं होती, यह देश के हितों की रक्षा का एक ज़रिया है."
इधर इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन पर टिप्पणी की है. इसके बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर नेतन्याहू पर निशाना साधा है.
नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, "इसराइल मेरे नेतृत्व में ईरान के आतंकवादी शासन और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखेगा. जबकि अर्दोआन उनका समर्थन करते हैं और अपने ही कुर्द नागरिकों का जनसंहार किया."
इस पर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अर्दोआन पर लगाए गए आरोपों को 'बेबुनियाद और झूठा' बताया है.
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा, "हमारे राष्ट्रपति पर इसराइली अधिकारियों की ओर से लगाए गए बेबुनियाद और झूठे आरोप उन सच्चाइयों से पैदा हुई असहजता का नतीजा हैं, जिन्हें हम हर मंच पर लगातार उठाते रहे हैं."
बयान में आगे कहा गया, "तुर्की निर्दोष नागरिकों के साथ खड़ा रहेगा और यह सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा कि नेतन्याहू उनके किए गए अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराए जाएं."
इसके अलावा तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू को 'इस दौर का हिटलर' भी कहा है.