वोटर लिस्ट संशोधन: 12 राज्यों में 6.5 Cr नाम कटे, यूपी में सबसे ज्यादा
नई दिल्ली । डेस्क: देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन-SIR) के तहत प्रारंभिक मसौदा सूची से फिलहाल करीब साढ़े छह करोड़ मतदाताओं के नाम बाहर हो गए हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, लोकसभा चुनाव के दौरान इन 12 राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में कुल लगभग 50 करोड़ 90 लाख मतदाता दर्ज थे, लेकिन एनुमरेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या घटकर 44 करोड़ 80 लाख रह गई है.
बिहार के बाद दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप, पुदुचेरी तथा अंडमान-निकोबार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन का काम चल रहा है.
4 नवंबर से एनुमरेशन फॉर्म बांटे गए थे और बाद में कुछ राज्यों को अतिरिक्त समय भी दिया गया. 6 जनवरी को उत्तर प्रदेश ने अंतिम रूप से अपना मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम उत्तर प्रदेश में अस्थायी रूप से हटाए गए हैं. यहां करीब 2 करोड़ 89 लाख नाम कटे हैं, जो राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 18.7 प्रतिशत है.
2024 के लोकसभा चुनाव के समय यूपी में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता पंजीकृत थे, जबकि नई मसौदा सूची में यह संख्या घटकर 12 करोड़ 55 लाख रह गई है.
वहीं पश्चिम बंगाल में भी संशोधन का असर साफ दिखा है. राज्य की मसौदा मतदाता सूची में लगभग 7.6 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं, जिसकी संख्या 58 लाख 20 हजार से कुछ अधिक बताई जा रही है.