कचरा डंपिंग के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण, बीमारी और मौत का आरोप
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । डेस्क: गौरेला नगर पालिका की कार्यप्रणाली से नाराज टीकरकला और लोहराझोरकी के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय का घेराव किया. स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में एक ज्ञापन सौंपा और अपने रिहायशी इलाकों को डंपिंग यार्ड में बदलने का कड़ा विरोध किया.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन शहरी क्षेत्र का सारा कूड़ा-कचरा उनके गांवों की सरहद पर लाकर फेंक रहा है. इस डंपिंग के कारण गांवों के मुख्य रास्ते और खुले मैदान पूरी तरह से बदबूदार कचरे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं.
ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि खुले में फेंके जा रहे इस कचरे से समूचे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं. मक्खियों और भीषण दुर्गंध के कारण लोगों का जीना दूषित हो गया है, जिसका सबसे बुरा असर मासूम बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने यह गंभीर दावा भी किया कि इस दूषित माहौल और गंदे पानी की वजह से इलाके में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला है, जिसने कुछ स्थानीय लोगों की जान भी ले ली है.
मौके की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कचरे के इन ढेरों पर आवारा मवेशी मुंह मार रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी बन आई है. डंपिंग साइट के पास ही एक बेसहारा पशु का शव भी सड़ता हुआ पाया गया, जिससे स्थिति और विकराल नजर आ रही है.
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इस विकट समस्या को लेकर उन्होंने पहले भी कई मर्तबा नगर पालिका के अफसरों के चक्कर काटे, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी.
आखिरकार, परेशान होकर ग्रामीणों को कलेक्ट्रेट की शरण लेनी पड़ी. उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का फौरन परमानेंट इलाज किया जाए.