जादू टोना के शक में ग्रामीण की हत्या, 11 गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बस्तर में जादू टोने के शक में फिर एक ग्रामीण की जान चली गई
सुकमा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जादू टोना करने के शक में एक ग्रामीण की हत्या का मामला सामने आया है.
गांव के ही लोगों ने ग्रामीण की लात-घूसे और ईट से सर फोड़कर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक को घर में रखे तखत के साथ ही जंगल में ले जाकर जला दिया.
मृतक के घर वालों को पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी भी दी.
पुलिस ने साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन और डिजिटल एविडेंस कलेक्शन कर इस हत्या में शामिल गांव के ही कुल 11 आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. आरोपियों ने अंधविश्वास के चलते ग्रामीण की हत्या करना बताया है.
बस्तर में यह कोई पहली घटना नहीं
बस्तर संभाग में यह कोई पहली घटना नहीं है कि अंधविश्वास के कारण किसी व्यक्ति की हत्या कर दी गई हो.
जादू टोना के शक में हत्या करने के मामले बस्तर के ग्रामीण इलाकों में सामने आते रहे हैं.
अंध विश्वास के चलते ग्रामीणों की जान जा रही है और इस मामले में जागरुकता को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.
इस पर अंकुश लगाने की जरुरत है.
साक्ष्य मिटाने शव को तखत के साथ जलाया
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि मामला पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के गोड़ेलगुड़ा गांव का है.
जहां दो दिन पहले मृतक के बेटे ने पोलमपल्ली थाना में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि जादू-टोना कर गांव वालों को परेशान करने के शक में परिवार के सदस्यों के सामने ही उसके पिता की हत्या कर दी गयी.
मृतक के बेटे की रिपोर्ट पर टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 और विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तत्काल मामले की छानबीन करते हुए सभी आरोपियों को गांव से ही धर पकड़ कर गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के मुताबिक गांव के कुल 11 आरोपियों ने ग्रामीण की हत्या की घटना को अंजाम दिया.
साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक को तखत में ले जाकर जंगल के बीच जला दिया, जिससे शव पूरी तरह से जलकर राख हो गया.
फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से हत्या के सबूत और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए गए, जिसके बाद सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया.
इसके बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड में लेते हुए जेल भेज दिया गया है.