यूएस-इंडिया विशेषज्ञ ऐशले टेलिस गिरफ़्तार
वॉशिंगटन । डेस्क: अमेरिका-भारत संबंधों के एक प्रमुख विशेषज्ञ, जिन्होंने लगातार कई अमेरिकी प्रशासनों को सलाह दी है, उन्हें राष्ट्रीय रक्षा सूचना (national defense information) को ग़ैरक़ानूनी ढंग से अपने पास रखने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. कोर्ट दस्तावेज़ों के अनुसार, उनके घर से एक हज़ार से अधिक टॉप सीक्रेट और सीक्रेट वर्गीकृत दस्तावेज़ मिले हैं.
64 वर्षीय ऐशले टेलिस, जो पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (National Security Council) में कार्यरत थे और एफ़बीआई के एक अदालत हलफनामे में स्टेट डिपार्टमेंट के अवैतनिक सलाहकार और पेंटागन के ठेकेदार के रूप में सूचीबद्ध हैं, उन्हें सप्ताहांत में गिरफ़्तार किया गया और सोमवार को उन पर आरोप लगाए गए. वह वाशिंगटन थिंक टैंक कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में एक वरिष्ठ फेलो भी हैं.
मुख्य आरोप और दस्तावेज़ों की बरामदगी
गिरफ़्तारी के साथ दायर एफ़बीआई के हलफनामे में कहा गया है कि टेलिस ने सितंबर और अक्टूबर में डिफेंस और स्टेट डिपार्टमेंट की इमारतों में प्रवेश किया, जहाँ उन्हें वर्गीकृत दस्तावेज़ों, जिनमें सैन्य विमान क्षमताओं से संबंधित जानकारी शामिल थी, को प्रिंट करते और एक चमड़े के ब्रीफ़केस या बैग में रखकर ले जाते हुए देखा गया.
विएना, वर्जीनिया स्थित टेलिस के आवास की तलाशी में टॉप सीक्रेट और सीक्रेट मुहर वाले एक हज़ार से ज़्यादा पन्नों के गोपनीय दस्तावेज़ मिले. हलफनामे में कहा गया है कि टेलिस के पास स्टेट डिपार्टमेंट और पेंटागन में काम करने के कारण टॉप सीक्रेट सुरक्षा मंज़ूरी (security clearance) थी और संवेदनशील कंपार्टमेंटलाइज़्ड सूचना (Sensitive Compartmented Information) तक उनकी पहुँच थी.
चीनी अधिकारियों के साथ मुलाक़ातें
हलफनामे में यह भी कहा गया है कि टेलिस पिछले कई वर्षों में कई बार चीनी सरकारी अधिकारियों से मिले थे. इन मुलाक़ातों में 15 सितंबर, 2022 को फेयरफैक्स, वर्जीनिया के एक रेस्टोरेंट में हुए रात्रिभोज का ज़िक्र है, जहाँ टेलिस एक मनीला लिफाफ़ा (manila envelope) लेकर पहुँचे थे, लेकिन वहाँ से जाते समय वह लिफाफ़ा उनके पास नहीं था.
सज़ा का प्रावधान
न्याय विभाग के एक बयान में कहा गया है कि अगर टेलिस दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की जेल और $250,000 तक का जुर्माना हो सकता है.
ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ वर्जीनिया के अमेरिकी अटॉर्नी लिंडसे हॉलिगन ने कहा, "इस मामले में लगाए गए आरोप हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर ख़तरा हैं."