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ब्रिटेन संसद: पाक 'ग्रूमिंग गैंग' को देश निकाला देने की मांग

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18 जून 2026, 06:44 PM 4 मिनट में पढ़ें 2

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लंदन । डेस्क: ब्रिटेन में एक बार फिर 'ग्रूमिंग गैंग' का मुद्दा गरमा गया है, जिसने देश के सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. ब्रिटिश समाज में किशोरियों और युवा महिलाओं के साथ होने वाले यौन शोषण और उत्पीड़न के इन मामलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर ब्रिटिश संसद के सदस्य रूपर्ट लो ने एक बड़ा कदम उठाते हुए संसद में एक विशेष प्रस्ताव पेश किया है. 


इस प्रस्ताव के जरिए उन्होंने ब्रिटेन में सक्रिय 'ग्रूमिंग गैंग' और यौन शोषण के गंभीर अपराधों में संलिप्त पाकिस्तानी मूल के पुरुषों को उनके मूल देश वापस भेजने की सख्त मांग की है. यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में पीड़ितों के बयानों और साक्ष्यों पर आधारित 'द रेप गैंग इंक्वायरी रिपोर्ट' सामने आई है, जिसने इस पूरे तंत्र की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है.

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संसद में गूंजी पीड़ितों की दर्दनाक दास्तां और नस्लीय भेदभाव की बात:


ब्रिटिश संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए सांसद रूपर्ट लो ने एक पीड़िता का बयान पढ़कर सुनाया, जिसने सुनने वालों को स्तब्ध कर दिया. उन्होंने बताया कि इस घिनौने अपराध के पीछे अपराधियों की एक खास मानसिकता काम कर रही थी. पीड़ितों के बयानों के हवाले से यह दावा किया गया कि इस शोषण में जाति और धर्म ने एक बड़ी भूमिका निभाई. 


सांसद ने संसद को अवगत कराया कि पीड़ित लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार के दौरान अक्सर ऐसी टिप्पणियां की जाती थीं जिससे यह प्रतीत हो कि श्वेत या ईसाई लड़कियों के नैतिक मूल्य कम हैं, जबकि उनके अपने समुदाय की महिलाओं को उच्च स्थान पर दिखाया जाता था. 


इस तरह की तुलनाओं का सहारा लेकर अपराधी अपनी घिनौनी हरकतों को सही ठहराने की कोशिश करते थे और पीड़ित लड़कियों को मानसिक रूप से कमजोर कर उन पर नियंत्रण हासिल करते थे.


संगठित अपराध का भयानक जाल और शिकार बनाने का तरीका:


ब्रिटिश पुलिस और जांचकर्ताओं ने इस ग्रूमिंग गैंग को एक पूरी तरह से संगठित अपराध समूह के रूप में चिन्हित किया है. जांच रिपोर्टों के अनुसार, इन अपराधियों के निशाने पर मुख्य रूप से स्कूल, कॉलेज और बच्चों के आवासीय केंद्र होते हैं. इस गैंग के कुछ सदस्य बातचीत की कला में बेहद माहिर होते हैं, जो बहुत कम समय में नाबालिग बच्चों से दोस्ती गांठ लेते हैं. 


शुरुआत में बच्चों को गाड़ियों में घुमाने, चॉकलेट, सिगरेट और महंगे उपहार देने का लालच देकर उनका विश्वास जीता जाता है. इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें शराब और अन्य खतरनाक नशीले पदार्थों की लत लगा दी जाती है. 


जब पीड़ित पूरी तरह से उनके जाल में फंस जाते हैं, तब उनका अपहरण कर लिया जाता है और बड़े पैमाने पर यौन शोषण के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन जैसी वारदातों को अंजाम दिया जाता है.


'द रेप गैंग इंक्वायरी रिपोर्ट' के चौंकाने वाले दावे और राजनीतिक आक्रोश:


सांसद रूपर्ट लो द्वारा निजी तौर पर वित्तपोषित और तैयार की गई २१९ पन्नों की एक अनौपचारिक रिपोर्ट 'द रेप गैंग इंक्वायरी' में कुछ बेहद चौंकाने वाले अनुमान लगाए गए हैं. हालांकि ये आंकड़े आधिकारिक नहीं हैं, लेकिन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर श्वेत महिलाएं और युवतियां इस तरह के शोषण का शिकार हुई हैं. 


रिपोर्ट में एक पीड़िता के हवाले से बताया गया कि उसे ड्रग्स देकर बेहोश किया जाता था और एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में ट्रांसफर करके प्रताड़ित किया जाता था. 


इस मुद्दे पर दुनिया के अमीर उद्योगपति एलन मस्क और मशहूर लेखिका जेके रोलिंग ने भी सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए ब्रिटिश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. 

वहीं रूपर्ट लो ने साफ किया है कि वे देश की कानूनी व्यवस्था से परे जाकर पीड़ितों के लिए निजी तौर पर भी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं और अपराधियों को जेल भेजने के लिए एक विशेष 'टारगेट लिस्ट' पर काम कर रहे हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP